
शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए घर पर नवजात की देखरेख कैसे करनी है, इसका गुर माताओं को सिखाया जाएगा। माताओं को देखभाल और कंगारू केयर की जानकारी के लिए सदर अस्पताल में फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर खोला जाएगा।
कमजोर और बीमार नवजातों को संक्रमण होने या अन्य किसी प्रकार की प्रतिकूल गतिविधि होने पर कैसे ख्याल रखा जाए, इसका प्रशिक्षण सदर अस्पताल में विशेषज्ञों द्वारा माताओं को दिया जाएगा।
इसको लेकर शिशु स्वास्थ्य के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिया है। प्रशिक्षण लेने वाली माताएं अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर जाने के बाद भी अपने नवजात की उचित देखभाल कर सकेंगी।
नवजात का शीघ्र स्तनपान शुरू करने से संक्रमण दर में आती है कमी
सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि जन्म के बाद नवजात के शीघ्र स्तनपान शुरू करने से संक्रमण दर में कमी आती है। जन्म के बाद नवजात को कंगारू केयर करना अनिवार्य है।


सिविल सर्जन ने बताया कि कंगारू केयर के कई फायदें हैं। इसमें हाइपरमिया से बचाव, शिशु के वजन में वृद्धि, माता के दूध की मात्रा में वृद्धि, संक्रमण नहीं के बराबर, नवजात का विकास, अस्पताल में भर्ती के समय में कमी व शीघ्र डिस्चार्ज, माता और शिशु में भावनात्मक लगाव, स्तन कैंसर से बचाव आदि शामिल हैं।
खतरों के लक्षण दिखने पर चिकित्सक से कराएं इलाज
सीएस ने बताया कि मां का दूध न पीना, ज्यादा ठंडा या गर्म होना, सुस्त होना, झटके आना, सांस तेज चलना, पसलियों में गड्ढे पड़ना, अत्यधिक रोना, दस्त होना आदि लक्षण नवजातों में दिखने पर तुरंत चिकित्सक के पास ले जाकर इलाज कराना चाहिए।
