डिजिटल पेमेंट की दिग्गज कंपनी PhonePe को SEBI से IPO के लिए ग्रीन सिग्नल मिल गया है. इस ऑफर के जरिए वॉलमार्ट और माइक्रोसॉफ्ट जैसे बड़े इन्वेस्टर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे.
UPI की दुनिया पर राज करने वाली ऐप PhonePe अब शेयर बाजार में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार है. मनीकंट्रोल की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, मार्केट रेगुलेटर SEBI ने PhonePe के IPO को हरी झंडी दे दी है. यह खबर 20 जनवरी को सामने आई है और इसने फाइनेंस की दुनिया में हलचल मचा दी है. PhonePe का यह IPO करीब 12,000 करोड़ रुपये (1.35 बिलियन डॉलर) का होने वाला है. खास बात यह है कि यह पूरा ‘ऑफर फॉर सेल’ यानी OFS होगा, जिसका मतलब है कि कंपनी के पुराने इन्वेस्टर्स जैसे वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट अपनी 10% हिस्सेदारी बेचकर पैसा बाहर निकालेंगे.
इस IPO की वैल्यूएशन इतनी खास क्यों है?
जब हम किसी बड़ी कंपनी के बाजार में आने की बात करते हैं, तो उसकी कीमत यानी वैल्यूएशन सबसे ज्यादा चर्चा में रहती है. मनीकंट्रोल के अनुसार, PhonePe की मार्केट वैल्यू करीब 15 बिलियन डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) आंकी जा रही है. अगर हम तुलना करें, तो यह पेटीएम के बाद न्यू-एज कंपनियों का दूसरा सबसे बड़ा IPO होने वाला है. हालांकि पेटीएम की शुरुआत 20 बिलियन डॉलर से हुई थी, लेकिन फिलहाल वह 9.5 बिलियन डॉलर के आसपास है. वहीं दूसरी तरफ, स्विगी और ग्रो जैसी कंपनियों ने भी हाल ही में मार्केट में अच्छी पकड़ बनाई है. PhonePe को उम्मीद है कि उसकी UPI मार्केट में 45% की जबरदस्त हिस्सेदारी उसे निवेशकों की पहली पसंद बनाएगी.
UPI के अलावा और क्या करता है PhonePe?
ज्यादातर लोग PhonePe को सिर्फ स्कैन करके पेमेंट करने वाला ऐप समझते हैं, लेकिन सच यह है कि यह कंपनी अब एक सुपर ऐप बनने की राह पर है. हालांकि इनके रेवेन्यू का 90% हिस्सा अभी भी पेमेंट्स से ही आता है, पर इन्होंने शेयर मार्केट ट्रेडिंग के लिए Share.market, इंश्योरेंस बेचने और लोन देने जैसे बिजनेस में भी हाथ आजमाया है. हर महीने करीब 1000 करोड़ (10 बिलियन) ट्रांजेक्शन प्रोसेस करने वाली यह कंपनी अब सिर्फ एक वॉलेट नहीं, बल्कि एक पूरा फाइनेंशियल इकोसिस्टम बन चुकी है. यही वजह है कि कोटक महिंद्रा और मॉर्गन स्टेनली जैसे बड़े बैंक इस IPO को सफल बनाने के लिए इनके एडवाइजर बने हुए हैं.
क्या आपको इसमें पैसा लगाना चाहिए?
किसी भी IPO में निवेश करना जोखिम और मुनाफे का खेल होता है. अगर हम हालिया फिनटेक लिस्टिंग्स को देखें, तो पीबी फिनटेक (पॉलिसी बाजार) और ग्रो ने मार्केट में लिस्ट होने के बाद काफी अच्छी ग्रोथ दिखाई है. वहीं पाइन लैब्स का IPO भी हाल ही में ढाई गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ है. PhonePe के पास सबसे बड़ा प्लस पॉइंट यह है कि भारत में 85% डिजिटल पेमेंट UPI से होते हैं और उसमें PhonePe का कोई मुकाबला नहीं है. कंपनी अगले कुछ दिनों में अपना नया ड्राफ्ट पेपर (DRHP) फाइल करेगी, जिससे इसके फ्यूचर प्लान्स और भी साफ हो जाएंगे. अगर आप भी स्टॉक मार्केट में दिलचस्पी रखते हैं, तो PhonePe की IPO की लिस्टिंग पर नजर बनाये रखें


