सभी दूरसंचार ऑपरेटरों को नियामक ने आदेश दिया कि वे रियल टाइम में संभावित स्पैमर्स की पहचान करें। ट्राई ने असामान्य रूप से उच्च कॉल वॉल्यूम, छोटी कॉल अवधि और इनकमिंग व आउटगोइंग कॉल अनुपात जैसे मापदंडों पर कॉल और एसएमएस पैटर्न का विश्लेषण करने का आदेश दिया है।
परेशान करने वाले फोन कॉल व अनचाहे संदेशों पर नियमों के बार-बार उल्लंघन और ऐसे मामलों में स्पैम की गलत संख्या बताने वाली दूरसंचार कंपनियों पर दो से दस लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। दूरसंचार नियामक ट्राई ने इस मामले में दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों पर शिकंजा कसा है।
सभी दूरसंचार ऑपरेटरों को नियामक ने आदेश दिया कि वे रियल टाइम में संभावित स्पैमर्स की पहचान करें। ट्राई ने असामान्य रूप से उच्च कॉल वॉल्यूम, छोटी कॉल अवधि और इनकमिंग व आउटगोइंग कॉल अनुपात जैसे मापदंडों पर कॉल और एसएमएस पैटर्न का विश्लेषण करने का आदेश दिया है। दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनियमन में संशोधन के साथ दंड का प्रावधान किया गया है। इसमें कहा है, स्पैम कॉल की संख्या की गलत सूचना देने पर पहली बार उल्लंघन के लिए 2 लाख रुपये, दूसरी बार के लिए 5 लाख रुपये तथा उसके बाद के उल्लंघनों के लिए 10 लाख रुपये प्रति मामले का जुर्माना लगाया जाएगा।
7दिन में कर सकते हैं शिकायतस्पैम कॉल को लेकर ट्राई ने कहा है कि मोबाइल फोन धारक अनचाही कॉल और संदेशों के मामले में अब सात दिन के अंदर शिकायत दे सकते हैं, जबकि पहले यह समय सीमा तीन दिन थी। इसके अलावा फोन धारकों को अब डू नॉट डिस्टर्ब यानी डीएनडी के तहत पंजीकरण की भी जरूरत नहीं है।



