शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया है. जिलावार नोडल अफसरों की नियुक्ति कर दी गई है, जो ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा और समाधान सुनिश्चित करेंगे. अब हर सोमवार को इन शिकायतों की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी.
बिहार के शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए शिक्षा विभाग ने एक अहम पहल की है. शिक्षकों से प्राप्त शिकायतों की ऑनलाइन समीक्षा, अनुश्रवण और निराकरण को लेकर विभाग ने मुख्यालय स्तर से जिलावार नोडल अफसरों की तैनाती कर दी है. इन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर नियमित रूप से कार्रवाई करें और हर सोमवार को इसकी समीक्षा बैठक में प्रगति रिपोर्ट दें.
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा गया है अलग-अलग जिलों का जिम्मा
इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ की ओर से आदेश जारी किया गया है. आदेश के मुताबिक शिक्षा विभाग के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों को बिहार के अलग-अलग जिलों का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि शिक्षक-सम्बंधित शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके.
बेगूसराय जिले का जिम्मा परामर्शी बैद्यनाथ यादव को सौंपा गया है, वहीं पंकज कुमार मुंगेर की जिम्मेदारी संभालेंगे. गोपालगंज और सीवान के लिए सज्जन आर., जहानाबाद के लिए विनायक मिश्र, शिवहर के लिए निदेशक साहिला, अरवल के लिए सुबोध कुमार चौधरी तथा सारण के लिए अनिल कुमार को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है.
वैशाली का जिम्मा मनोरंजन कुमार को
इसके अलावा वैशाली में मनोरंजन कुमार, सीतामढ़ी में अमरेश कुमार मिश्र, भागलपुर-बांका में संजू कुमारी, समस्तीपुर-दरभंगा में शाहजहां, पटना-भोजपुर में विनीता, नवादा-नालंदा में अजीत शरण और मधेपुरा-खगड़िया में अमित कुमार पुष्पक नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्य करेंगे.
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग की इस पहल का मकसद शिक्षकों की प्रशासनिक और तकनीकी दिक्कतों का समाधान करना है, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपने शैक्षणिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें. विभाग ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. यह कदम शिक्षक समुदाय में भरोसा बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.


