रांची: झारखंड सरकार ने परीक्षा संचालन से जुड़े पुराने मामलों की समीक्षा का फैसला लिया है। वर्ष 2014 के बाद टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के माध्यम से आयोजित कराई गई परीक्षाओं की जांच की जाएगी। इस दायरे में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि जांच प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई है। जांच के दौरान परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र तैयार करने, परीक्षा प्रक्रिया और परिणाम से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित परीक्षाओं में किसी तरह की अनियमितता या प्रक्रिया संबंधी गड़बड़ी हुई थी या नहीं।
JPSC की कई परीक्षाएं जांच के दायरे में
जानकारी के मुताबिक TDPL के माध्यम से आयोजित बताई जा रही JPSC की परीक्षाओं में 11वीं, 12वीं, 13वीं और 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा शामिल हैं।
इसके अलावा झारखंड पात्रता परीक्षा (JET), असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, सिविल जज (जूनियर डिवीजन), फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट और मेडिकल कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती जैसी परीक्षाओं की भी जांच की जाएगी।
हेल्थ सर्विस कंबाइंड रिक्रूटमेंट, म्युनिसिपल एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और प्रोजेक्ट मैनेजर भर्ती समेत कुल 13 परीक्षाओं का उल्लेख जांच के संदर्भ में किया गया है।
JSSC की इन परीक्षाओं पर भी होगी नजर
जिन JSSC परीक्षाओं के संचालन में TDPL की भूमिका बताई गई है, उनमें JSSC CGL यानी JGGLCCE-2023 शामिल है। इसके अलावा टेक्निकल/स्पेसिफिक ग्रेजुएट लेवल कंबाइंड प्रतियोगिता परीक्षा, फील्ड वर्कर परीक्षा, फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा और PGT शिक्षक भर्ती परीक्षा (PGTTCE-2023) भी जांच के दायरे में बताई गई हैं।
2025 में TDPL को सूची से हटाया गया था
बताया गया है कि JSSC ने 20 मई 2025 को TDPL को अपनी सूची से हटा दिया था। इसके बाद आयोजित परीक्षाओं को TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
जांच रिपोर्ट के बाद क्या होगा?
अब निगाहें 90 दिनों के भीतर होने वाली जांच के नतीजों पर हैं। यदि किसी परीक्षा के संचालन में अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है, तो उसके बाद सरकार के सामने कई विकल्प हो सकते हैं। संबंधित परीक्षा को रद्द करने, दोबारा परीक्षा कराने या जिम्मेदार एजेंसी और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे फैसले जांच के निष्कर्षों के आधार पर लिए जा सकते हैं।
फिलहाल सरकार की ओर से अंतिम कार्रवाई को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं बताया गया है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
