Tuesday, March 10, 2026

T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पटना पहुंचे ईशान किशन कीर्ति आजाद के सवाल पर बिफर पड़े, मीडिया से कहा बेकार सवाल कर रहे हैं.

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पटना: टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद पहली बार ईशान किशन  बिहार पहुंचे. इस दौरान पटना एयरपोर्ट पर मीडिया के सवाल पर बिफर गए. मीडिया ने कीर्ति आजाद के बयान को लेकर सवाल किया तो ईशान किशान ने कहा कि ‘बेकार सवाल नहीं करें. हमलोगों ने इतना अच्छा किया है, इसको लेकर सवाल पूछिए.

“इस सवाल का कोई जवाब नहीं है. कीर्ति आजाद के सवाल का जवाब हम नहीं देते हैं. अच्छा सवाल पूछिए. देश के लिए हमलोग क्रिकेट खेलते हैं. वर्ल्ड कप जीते हैं. बेकार का सवाल कर रहे हैं.” -ईशान किशन, भारतीय क्रिकेटर

ईशान किशान की धमाकेदार पारी: रविवार को T20 वर्ल्ड कप में ईशान किशन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 25 गेंदों में 54 रनों की धमाकेदार पारी खेली. सबसे ज्यादा चर्चा इनके कैच पकड़ने की हुई. मैदान में बाउंड्री लाइन पर 3 शानदार कैच पकड़े.

ईशान किशान का भव्य स्वागत: पटना एयरपोर्ट पर ईशान किशान का लोगों ने भव्य स्वागत किया. अपने आवास पहुंचने के बाद घर के बच्चों के साथ प्रैक्टिस करते नजर आए. इस दौरान सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रही. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना है और मेहनत करना है. कहा कि बिहार के युवा जो क्रिकेट खेलते हैं, उनसे यही कहना चाहेंगे कि वह खूब मेहनत करें.

“मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. भारतीय टीम जीती है और यह देश के लिए बहुत अच्छी बात है. हम उम्मीद करेंगे कि आगे ऐसे की क्रिकेट खेलते रहें और जीतते रहें.” -ईशान किशन, भारतीय क्रिकेटर

Ishan Kishan In Patna

क्या है मामला: टी-20 वर्ल्ड कप जीत के बाद टीम ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास स्थित हनुमान टेकरी मंदिर में गए. इसको लेकर पूर्व क्रिकेटर सह टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि टीम इंडिया को शर्म आनी चाहिए. जब हमने 1983 में कपिल देव की लीडरशिप में वर्ल्ड कप जीता था, तो टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई थे.

ट्रॉफी मंदिर ले जाने पर सवाल: हम ट्रॉफी अपने धार्मिक जन्म स्थान, अपनी मातृभूमि इंडिया, भारत, हिंदुस्तान लाए थे. इंडियन क्रिकेट ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं?

कप्तान और ICC चेयरमेन पर निशाना: यह टीम इंडिया को रिप्रेजेंट करती है. सूर्य कुमार यादव या जय शाह के परिवार को नहीं. सिराज ने इसे कभी मस्जिद में नहीं दिखाया. संजू इसे कभी चर्च नहीं ले गया. बाद वाले ने इसमें अहम रोल निभाया और वह मैन ऑफ द टूर्नामेंट था.

सोशल मीडिया पर छाया स्कोर कार्ड: यह ट्रॉफी हर धर्म के 1.4 बिलियन भारतीयों की है. किसी एक धर्म की जीत की दौड़ नहीं. कीर्ति आजाद के इसी बयान को लेकर बहस छिड़ गयी है. सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमी 1983 के वर्ल्ड कप का स्कोर कार्ड भी शेयर किया है, जिसमें क्रीर्ति आजार 3 बॉल में जीरो रन बनाकर आउट हो गए थे.

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