एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में लगातार दूसरे महीने 26,000 करोड़ से अधिक का निवेश हुआ। जनवरी में निवेशकों ने एसआईपी में 26,400 करोड़ रुपये डाले। दिसंबर, 2024 में यह आंकड़ा 26,459 करोड़ था।

शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद इक्विटी म्यूचुअल फंड में जनवरी, 2025 में 39,688 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। लघु और मझोली कंपनियों के शेयरों से जुड़ी योजनाओं में पूंजी प्रवाह के कारण कुल निवेश बढ़ा है। हालांकि, यह शुद्ध निवेश दिसंबर, 2024 के 41,156 करोड़ की तुलना में 3.5 फीसदी कम है। जनवरी लगातार 47वां महीना है, जब निवेशकों ने इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश जारी रखा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में लगातार दूसरे महीने 26,000 करोड़ से अधिक का निवेश हुआ। जनवरी में निवेशकों ने एसआईपी में 26,400 करोड़ रुपये डाले। दिसंबर, 2024 में यह आंकड़ा 26,459 करोड़ था।
स्मॉल-मिडकैप योजनाओं के प्रति आकर्षणमॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर एवं प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, म्यूचुअल फंड की स्मॉल और मिड कैप योजनाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। दोनों सेक्टर में तीव्र सुधार देखा गया। इसलिए, निवेशकों ने इस अवसर का उपयोग करने और इन सेक्टरों में जोखिम बढ़ाने का विकल्प चुना।
एयूएम बढ़कर 67.25 लाख करोड़जनवरी अंत तक म्यूचुअल फंड की प्रबंधन के तहत संपत्ति (एयूएम) बढ़कर 67.25 लाख करोड़ पहुंच गई। दिसंबर में यह 66.93 लाख करोड़ थी।डेट फंड में 1.28 लाख करोड़ का निवेश हुआ। दिसंबर में 1.27 लाख करोड़ की निकासी हुई थी।सेक्टोरल फंड में सबसे ज्यादा 9,016 करोड़ का शुद्ध निवेशइक्विटी योजनाओं में सेक्टोरल या थीमैटिक श्रेणी में सबसे अधिक 9,016 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। हालांकि, यह दिसंबर के 15,331 करोड़ से काफी कम है।मिडकैप श्रेणी में 5,148 करोड़ और स्मॉलकैप में 5,721 करोड़ निवेश आया।बड़ी कंपनियों के शेयरों से जुड़ी योजनाओं में निवेश बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो दिसंबर में 2,010 करोड़ रुपये था।बड़ी और मझोली कंपनियों के शेयरों से जुड़ी योजनाओं में निवेशकों ने 4,123 करोड़ का निवेश किया।


