Sunday, September 20, 2026

SIR ड्यूटी से शिक्षकों को हटाने की मांग, ड्यूटी के दौरान मौत पर 1 करोड़ मुआवजे की मांग.

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रांची: झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश कमेटी की बैठक में शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। रविवार को सुखदेव नगर स्थित शिक्षक सर्वोदय आश्रम में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रदेश महासचिव निखिल मंडल ने की। बैठक में लंबित समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के समक्ष मांग रखने के साथ संगठनात्मक स्तर पर आगे की रणनीति तय की गई।

संघ ने शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा कराए जा रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग प्रमुखता से उठाई। खास तौर पर SIR कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने पर संगठन ने आपत्ति जताई।

SIR समेत गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग

शिक्षक संघ का कहना है कि शिक्षकों पर विद्यालय के नियमित कार्यों के अतिरिक्त अलग-अलग जिम्मेदारियां दिए जाने से शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती है। संगठन के अनुसार, शिक्षकों का मुख्य दायित्व बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ा होना चाहिए।

बैठक में SIR ड्यूटी से शिक्षकों को अलग रखने के लिए संबंधित स्तर पर पहल करने का फैसला लिया गया। संघ ने कहा कि यदि शिक्षकों से इस तरह की जिम्मेदारियां ली जाती हैं, तो उन्हें चुनाव ड्यूटी के दौरान मिलने वाली सुरक्षा और दायित्व संबंधी सुविधाओं के समान प्रावधान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

ड्यूटी के दौरान मौत होने पर 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

बैठक में शिक्षकों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने मांग की कि गैर-शैक्षणिक अथवा विशेष सरकारी ड्यूटी के दौरान किसी शिक्षक की मृत्यु होने की स्थिति में उसके आश्रित परिवार को सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता या मुआवजा दिया जाए।

संघ का कहना है कि विशेष ड्यूटी में लगाए जाने वाले शिक्षकों के लिए स्पष्ट सुरक्षा और मुआवजा संबंधी प्रावधान होना जरूरी है।

TET, प्रोन्नति और MACP पर भी चर्चा

बैठक में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़ी समस्याओं के समाधान का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा शिक्षकों की प्रोन्नति, MACP का लाभ और उत्क्रमित वेतनमान लागू करने की मांग पर चर्चा हुई।

शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान का विषय भी बैठक के एजेंडे में रहा। संघ के अनुसार, डिजिटल सिग्नेचर के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण कई जिलों और प्रखंडों में शिक्षकों का अगस्त महीने का वेतन लंबित है। संगठन ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द समाधान कराने की दिशा में पहल करने का निर्णय लिया।

शनिवार को हाफ डे करने की मांग

शिक्षक संघ ने शनिवार को विद्यालय संचालन को पहले की व्यवस्था के अनुरूप हाफ डे करने की मांग भी उठाई। संगठन इस मांग को संबंधित विभाग के समक्ष रखने की तैयारी करेगा।

इसके साथ ही शिक्षकों के लिए उत्क्रमित वेतनमान लागू करने की मांग को भी सरकार तक पहुंचाने पर सहमति बनी।

दिसंबर तक जिलों में संगठन के पुनर्गठन का लक्ष्य

संगठन को जिला स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है। संघ ने इसके लिए 25 दिसंबर तक की समय-सीमा निर्धारित की है।

राज्य स्तर की अगली बैठक 29 नवंबर को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि

बैठक के समापन पर अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय बृजनंदन शर्मा और झारखंड के मंत्री स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। उपस्थित पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष मैनेजर प्रसाद सिंह, अमित कुमार महतो, कमलेश्वर पांडेय, उप महासचिव ईश्वर हेंब्रम, सचिव हरिद्वार महतो और प्रदेश प्रवक्ता उमा चरण साहू समेत कई जिलों के शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे। पलामू, रांची, पाकुड़, कोडरमा, गढ़वा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां सहित विभिन्न जिलों से पदाधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

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