28 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई, लेकिन दिन के दूसरे हिस्से में ऑटोमोबाइल और चुनिंदा बैंकिंग शेयरों में खरीदारी लौटने से बाजार ने अच्छी रिकवरी की। हालांकि, दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए, लेकिन दिन के निचले स्तरों से काफी ऊपर आ गए।
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 72,604 अंक तक फिसल गया था, लेकिन बाद में इसमें करीब 642 अंकों की वापसी हुई। इसके बावजूद सेंसेक्स पिछले बंद के मुकाबले 353 अंक गिरकर 73,246 पर बंद हुआ।
वहीं, एनएसई निफ्टी ने भी 22,498 के निचले स्तर से वापसी की और अंत में 51 अंकों की गिरावट के साथ 22,699 पर बंद हुआ।
ऑटो और बैंकिंग शेयरों से बाजार को मिला सहारा
बाजार में आई रिकवरी के पीछे ऑटोमोबाइल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी की अहम भूमिका रही। निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 1.5 प्रतिशत चढ़ा, जबकि बैंक निफ्टी में लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
एलएंडटी (L&T), अपोलो हॉस्पिटल्स, ट्रेंट और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस जैसे शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को निचले स्तरों से उबरने में मदद की।
हालांकि, बाजार की तेजी पर कुछ क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
IT और ऑयल-गैस शेयरों में गिरावट
आईटी और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही। उपलब्ध बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, निफ्टी आईटी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स लगभग 2-2 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। एफएमसीजी इंडेक्स में भी करीब 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई।
इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी के शेयरों में कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाया। इन क्षेत्रों में बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दिन के अंत तक बढ़त हासिल नहीं कर सके।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर
बुधवार के कारोबार में छोटे और मझोले शेयरों ने प्रमुख सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
| सूचकांक | रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन |
|---|---|
| सेंसेक्स | 353 अंक गिरकर 73,246 पर बंद |
| निफ्टी 50 | 51 अंक गिरकर 22,699 पर बंद |
| निफ्टी ऑटो | लगभग 1.5% की तेजी |
| बैंक निफ्टी | लगभग 0.5% की तेजी |
| निफ्टी आईटी | लगभग 2% की गिरावट |
| निफ्टी ऑयल एंड गैस | लगभग 2% की गिरावट |
| निफ्टी मिडकैप | लगभग 0.5% की तेजी |
| निफ्टी स्मॉलकैप | लगभग 0.8% की तेजी |
नोट: आंकड़े उपलब्ध समाचार रिपोर्ट पर आधारित हैं। प्रकाशन से पहले आधिकारिक एक्सचेंज आंकड़ों से इनकी पुष्टि करें।
निफ्टी के लिए 22,500 का स्तर अहम
तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,500 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट यानी सहारा माना जा रहा है। वहीं, 22,800 के आसपास का स्तर निकट अवधि में प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है।
इन स्तरों के बीच बाजार की दिशा पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है। हालांकि, तकनीकी स्तरों के आधार पर बाजार की चाल की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों के लिए जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना जरूरी है। किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और जोखिम का आकलन करना चाहिए।
लंबी अवधि के निवेशकों को भी केवल बाजार में गिरावट देखकर खरीदारी करने के बजाय अपनी वित्तीय जरूरतों, निवेश अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए। बाजार में किसी भी निवेश से लाभ की गारंटी नहीं होती।
निष्कर्ष
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी देखने को मिली। ऑटो और बैंकिंग शेयरों ने बाजार को संभाला, जबकि आईटी और ऑयल-गैस शेयरों की कमजोरी ने सूचकांकों पर दबाव बनाए रखा। सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए, लेकिन दिन के निचले स्तरों से उनकी वापसी ने कारोबार में खरीदारी की सक्रियता दिखाई।
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