SBI News | 23 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों से जुड़ी निजी जानकारी लीक होने का मामला सामने आया है। बैंक के अनुसार, शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी साइबर सुरक्षा से जुड़ी इस घटना में प्रभावित पाई गई है। बैंक ने संबंधित ग्राहकों को सतर्क करते हुए कहा है कि इस घटना से खातों में जमा राशि और अकाउंट बैलेंस पर कोई असर नहीं पड़ा है।
बैंक ने बताया कि उसे ग्राहकों के डेटा के डार्क वेब पर उपलब्ध होने की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू की गई। प्रभावित ग्राहकों को ईमेल और WhatsApp के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से जानकारी देने की बात भी कही गई है। मामले की विस्तृत जांच के लिए स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी की मदद ली जा रही है।
SBI डेटा लीक मामले में 3,897 ग्राहक प्रभावित
SBI के मुताबिक, बैंक को साइबर सुरक्षा से जुड़ी घटना की जानकारी 16 अक्टूबर 2026 को मिली थी। इसके बाद बैंक की संबंधित टीमों ने मामले का आकलन शुरू किया।
प्रारंभिक जांच के दौरान लगभग 3.75 लाख रिकॉर्ड की जांच की गई। बैंक के अनुसार, इनमें से 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी प्रभावित होने की पुष्टि हुई।
बैंक ने घटना की जानकारी देते हुए ग्राहकों को आश्वस्त किया कि उनके खाते में जमा धन सुरक्षित है। हालांकि, व्यक्तिगत जानकारी लीक होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच और सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जा रहे हैं।
लीक हुई जानकारी में क्या-क्या शामिल था?
रिपोर्ट के मुताबिक, डार्क वेब पर उपलब्ध डेटा में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की निजी जानकारियां शामिल थीं। इनमें प्रमुख रूप से निम्न विवरण बताए गए हैं:
- ग्राहकों के नाम
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
- जन्मतिथि और लिंग संबंधी जानकारी
- ईमेल आईडी
- घर का पता
- बैंक शाखा से जुड़ी जानकारी
- कस्टमर इंफॉर्मेशन फाइल (CIF) आईडी
- लोन लीड आईडी और ऋण रिकॉर्ड से संबंधित कुछ मेटाडेटा
इस तरह की जानकारी का गलत इस्तेमाल करके साइबर अपराधी ग्राहकों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर फोन कर सकता है या निजी जानकारी का उल्लेख करके ग्राहक का भरोसा जीतने की कोशिश कर सकता है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में इस डेटा लीक के कारण किसी ग्राहक के खाते से पैसे निकाले जाने की पुष्टि नहीं की गई है।
प्रभावित ग्राहकों को ईमेल और WhatsApp से सूचना
SBI ने बताया कि जिन 3,897 ग्राहकों की जानकारी प्रभावित पाई गई, उन्हें ईमेल और WhatsApp के जरिए व्यक्तिगत रूप से सूचित किया गया है।
यदि किसी ग्राहक को बैंक के नाम से डेटा लीक या खाते की सुरक्षा से संबंधित संदेश मिलता है, तो उसे उसकी प्रामाणिकता की जांच करनी चाहिए। केवल संदेश में बैंक का नाम या लोगो होने से उसकी सत्यता साबित नहीं होती।
ग्राहकों को खास तौर पर उन संदेशों से सावधान रहना चाहिए, जिनमें खाते को सुरक्षित रखने के नाम पर लिंक खोलने, OTP बताने या बैंकिंग पासवर्ड साझा करने के लिए कहा जाता है।
CERT-In और साइबर सुरक्षा एजेंसियां जांच में शामिल
रिपोर्ट के अनुसार, SBI को शुरुआती अलर्ट अपने थ्रेट इंटेलिजेंस सेवा प्रदाता, डिफेंस साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) की ओर से मिला था।
सूचना मिलने के बाद बैंक ने साइबर घटना से निपटने और उसके प्रभाव को सीमित करने के लिए संबंधित प्रक्रियाएं सक्रिय कीं।
इसके अलावा, बैंक ने CERT-In से मान्यता प्राप्त एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को फोरेंसिक जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच के जरिए डेटा लीक की प्रकृति, प्रभावित जानकारी और घटना से जुड़े तकनीकी पहलुओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारण और जिम्मेदारी से जुड़े अन्य पहलुओं की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
बैंकिंग सेवाओं पर नहीं पड़ा असर: SBI
SBI ने अपने बयान में कहा है कि इस साइबर घटना का बैंक के मुख्य कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। बैंक के अनुसार, उसकी सामान्य बैंकिंग सेवाएं और कोर बैंकिंग सिस्टम काम कर रहे हैं।
बैंक ने यह भी कहा कि घटना से उसके वित्तीय प्रदर्शन और कारोबारी निरंतरता पर असर नहीं पड़ा है।
हालांकि, बैंकिंग सेवाओं के सामान्य रूप से चलते रहने और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहने के बीच अंतर है। इसलिए प्रभावित ग्राहकों को बैंक की ओर से जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देनी चाहिए।
SBI ग्राहकों को अभी क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
डेटा लीक की खबर के बाद ग्राहकों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी की कोशिश की जा सकती है, इसलिए कुछ सावधानियां अपनाना उपयोगी होगा।
- OTP साझा न करें: बैंक कर्मचारी होने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति को भी OTP, PIN या पासवर्ड न बताएं।
- संदिग्ध लिंक से बचें: ईमेल या WhatsApp पर आए अनजान लिंक के जरिए बैंक खाते में लॉगिन न करें।
- खाते की गतिविधि जांचें: अपने बैंक खाते के लेनदेन और अलर्ट पर नजर रखें।
- संदिग्ध कॉल से सावधान रहें: कोई व्यक्ति आपकी निजी जानकारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो भी उसे संवेदनशील विवरण न दें।
- बैंक से सीधे संपर्क करें: किसी संदेश की सत्यता पर संदेह होने पर SBI के आधिकारिक माध्यमों से पुष्टि करें।
यदि खाते में कोई अनधिकृत लेनदेन दिखाई देता है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें और भारत के आधिकारिक साइबर अपराध रिपोर्टिंग माध्यमों से शिकायत दर्ज कराने पर विचार करें।
क्या SBI ग्राहकों को घबराने की जरूरत है?
SBI के अनुसार, डेटा लीक की घटना में प्रभावित ग्राहकों की संख्या 3,897 है और बैंक खातों में जमा धन सुरक्षित है। बैंक ने प्रभावित ग्राहकों को सूचित करने और मामले की जांच के लिए कदम उठाने की जानकारी दी है।
फिर भी, निजी जानकारी लीक होने का जोखिम नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ग्राहकों को किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लेनदेन के प्रति सतर्क रहना चाहिए। मामले की अंतिम स्थिति और डेटा लीक के कारणों को लेकर स्वतंत्र साइबर सुरक्षा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
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