नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते ने आज भारतीय शेयर बाजार का मूड बदल दिया. 9 फरवरी को बाजार तेजी के साथ खुला, और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में कारोबार करते दिखे. इस बीच बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर ने निवेशकों का ध्यान खींचा. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने नए रिकॉर्ड के साथ ICICI बैंक को पीछे छोड़ दिया.
SBI शेयरों में 6 प्रतिशत की रैली, मार्केट कैप 10.50 लाख करोड़ के पार
खबर लिखे जाने तक SBI के शेयर 6.54 प्रतिशत की तेजी के साथ लगभग ₹1,136 पर कारोबार कर रहे थे. बैंक का मार्केट कैप बढ़कर लगभग 10.50 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो ICICI बैंक के मार्केट कैप से अधिक है. दूसरी ओर, ICICI बैंक के शेयर लगभग 1.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,392 पर ट्रेड कर रहे थे.
ब्रोकरेज हाउस SBI पर bullish
- SBI के मजबूत प्रदर्शन के बाद कई प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों ने इस शेयर पर BUY रेटिंग बनाए रखी है.
- नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अगले 12 महीनों के लिए SBI का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,250 कर दिया है.
- मोतीलाल ओसवाल ने SBI के लिए ₹1,300 का लक्ष्य तय किया है, जो मौजूदा भाव से करीब 22 प्रतिशत की संभावित तेजी दर्शाता है.
- वहीं, एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने भी टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,210 कर दिया है.
शानदार तिमाही नतीजों ने बढ़ाई निवेशकों की उत्सुकता
बीते शुक्रवार SBI ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए, जो निवेशकों के लिए आशाजनक रहे. बैंक ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में माइनॉरिटी इंटरेस्ट के बाद 21,028 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. यह SBI का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही लाभ है और पिछले साल की इसी तिमाही के 16,891 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट से 24.49 प्रतिशत अधिक है.
कोर इनकम में लगातार बढ़त
SBI की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी इस तिमाही में मजबूत रही. पिछले साल की इसी अवधि में 41,445 करोड़ रुपये रही NII इस बार बढ़कर 45,190 करोड़ रुपये हो गई. यह लगातार कोर लेंडिंग इनकम में ग्रोथ का संकेत देता है और बैंक की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है.
निवेशकों की नजरें अब बैंकिंग सेक्टर पर
विशेषज्ञों के अनुसार, SBI का यह प्रदर्शन न केवल सरकारी बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ाता है, बल्कि निवेशकों को भी आकर्षित करता है. बढ़ती नेट प्रॉफिट और मजबूत मार्केट कैप के कारण बैंक के शेयर आज बाजार में प्रमुख चर्चा का विषय बने हुए हैं.


