नई दिल्ली: भारत के सबसे बड़े ऋणदाता, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. बैंक ने महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,597 करोड़ रुपये) की ‘सिंडिकेटेड सोशल टर्म लोन फैसिलिटी’ शुरू करने की घोषणा की है. यह पहल न केवल एसबीआई के लिए, बल्कि वैश्विक ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) वित्तपोषण के परिदृश्य में भी एक मील का पत्थर मानी जा रही है.
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी पहल
एसबीआई के अनुसार, इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों का समर्थन करना है. यह ऋण सुविधा सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के ‘सतत विकास लक्ष्य-5’ (SDG 5) में योगदान देती है, जिसका लक्ष्य लैंगिक समानता हासिल करना और सभी महिलाओं व लड़कियों को सशक्त बनाना है. यह किसी भी बैंक द्वारा इस क्षेत्र में की गई अब तक की सबसे बड़ी पहलों में से एक है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा ‘जेंडर-थीम वाला लोन’ माना जा रहा है.
इस उपलब्धि पर एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हमें इस ऐतिहासिक सामाजिक ऋण की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है. यह सतत विकास के आधार स्तंभ के रूप में महिला सशक्तिकरण के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.” उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और समावेशी समाज के निर्माण से आती है.
इस ऋण सुविधा में एक ‘ग्रीनशू विकल्प’ भी शामिल है, जिसका अर्थ है कि मांग बढ़ने पर बैंक इस ऋण राशि को और बढ़ा सकता है. इस सौदे के लिए जापान के अग्रणी वित्तीय समूह ‘MUFG’ ने मूल मैंडेटेड लीड अरेंजर, अंडरराइटर और बुकनरर के साथ-साथ एकमात्र सामाजिक ऋण समन्वयक के रूप में भूमिका निभाई है.
SBI की वित्तीय स्थिति
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एसबीआई बैंकिंग क्षेत्र में अपनी पकड़ और मजबूत कर रहा है. 31 दिसंबर 2025 तक, बैंक का जमा आधार 57 लाख करोड़ रुपये से अधिक था. बैंक का होम लोन पोर्टफोलियो भी 9 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जिससे लगभग 30 लाख परिवारों का घर का सपना पूरा हुआ है. हालांकि, शेयर बाजार में शुक्रवार को एसबीआई के शेयरों में 2.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 1,139.80 रुपये पर बंद हुआ.यह सामाजिक ऋण भारत में स्थायी वित्त की दिशा में एक नई दिशा तय करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में महिला उद्यमियों और महिला-केंद्रित परियोजनाओं को नई ऊर्जा प्रदान करेगा.


