नई दिल्ली | 29 अक्टूबर 2026 | BharatSuperFastNews
Rules Change From November 1: नवंबर महीने की शुरुआत के साथ बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल कॉलिंग, टोल पास और दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कई नियम लोगों के कामकाज को प्रभावित करेंगे। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के क्रेडिट कार्ड शुल्क में बदलाव, कॉलर का नाम दिखाने की व्यवस्था और दिल्ली के विंटर प्रदूषण प्लान जैसे कदम 1 नवंबर से लागू होने वाले हैं।
हालांकि, इस तारीख से जुड़े सभी बदलाव नए नहीं हैं। बैंक खातों में चार नॉमिनी की सुविधा पहले ही लागू हो चुकी है, जबकि सोने के आभूषणों पर HUID और पेंशनर्स के लाइफ सर्टिफिकेट से संबंधित नियमों को भी सही संदर्भ में समझना जरूरी है।
1. बैंक खातों में 4 नॉमिनी की सुविधा पहले से लागू
बैंक ग्राहकों को एक खाते में अधिकतम चार लोगों को नॉमिनी बनाने की सुविधा मिल चुकी है। यह प्रावधान बैंकिंग लॉज (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत 1 नवंबर 2025 से लागू हुआ था, न कि 1 नवंबर 2026 से।
ग्राहक निर्धारित नियमों के अनुसार एक साथ या क्रमवार नॉमिनी नामित कर सकते हैं। इसका उद्देश्य खाताधारक की मृत्यु के बाद दावों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
2. PNB क्रेडिट कार्ड के शुल्क में बदलाव
पंजाब नेशनल बैंक ने अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े कुछ सेवा शुल्कों में बदलाव की घोषणा की है। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर संशोधित शुल्कों की जानकारी उपलब्ध है और ये बदलाव 1 नवंबर 2026 से लागू होने हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पात्र Visa और RuPay क्रेडिट कार्ड पर प्रत्येक रिवॉर्ड पॉइंट रिडेम्पशन अनुरोध के लिए ₹99 शुल्क लगाया जाएगा। कैश एडवांस, लेट पेमेंट और यूटिलिटी बिल भुगतान से जुड़े शुल्कों में भी बदलाव बताए गए हैं।
कार्डधारकों को सलाह है कि लेनदेन करने से पहले बैंक की संशोधित शुल्क सूची और अपने कार्ड पर लागू शर्तें जरूर देख लें।
SBI Card का ब्याज: SBI Card की प्रकाशित शर्तों में कुछ कार्डों के लिए वित्तीय शुल्क 3.75% प्रति माह तक बताया गया है। इसे 1 नवंबर से लागू होने वाला नया ब्याज बदलाव मानना सही नहीं होगा; कार्डधारक अपने कार्ड की मौजूदा शर्तें जांचें।
3. सोने के आभूषणों पर HUID कोड: नया नियम नहीं
हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों पर छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID यानी Hallmark Unique Identification नंबर दर्ज होता है। ग्राहक इसे BIS CARE ऐप के जरिए सत्यापित कर सकते हैं।
लेकिन HUID व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से पहली बार लागू नहीं हो रही है। भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार, HUID को हॉलमार्किंग व्यवस्था में 1 जुलाई 2021 से शामिल किया गया था। इसलिए इसे नवंबर में लागू होने वाला नया नियम बताना भ्रामक होगा।
सोना खरीदते समय हॉलमार्क, शुद्धता और HUID की जांच करना ग्राहकों के लिए उपयोगी है।
4. मोबाइल पर दिखेगा कॉल करने वाले का नाम
मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए एक अहम बदलाव 1 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को Calling Name Presentation यानी CNAP सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है।
इस व्यवस्था के तहत 4G और उससे आगे की वायरलेस सेवाओं पर आने वाली कॉल के साथ कॉल करने वाले का नाम टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक डेटाबेस के अनुसार दिखाया जाएगा। इसके लिए उपयोगकर्ता को अलग से अनुरोध करने की जरूरत नहीं होगी। 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर सेवा लागू करने के विषय पर अलग से विचार किया जाना है।
यह सुविधा अनजान नंबरों की पहचान में मदद कर सकती है, लेकिन केवल स्क्रीन पर दिख रहे नाम के आधार पर किसी कॉल को पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानना चाहिए। बैंकिंग जानकारी, OTP या पासवर्ड फोन पर साझा करने से बचें।
5. LPG सिलेंडर की कीमत और आधार प्रमाणीकरण
हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसलिए 1 नवंबर को भी नई कीमतें घोषित होने की संभावना है। हालांकि, कीमतों में कितना बदलाव होगा, यह आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के अनुसार, सब्सिडी के साथ निर्धारित खुदरा कीमत पर सिलेंडर बुक करने के लिए यह प्रमाणीकरण 1 अक्टूबर 2026 से लागू व्यवस्था का हिस्सा है। जिन उपभोक्ताओं का प्रमाणीकरण पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें इसे दोबारा कराने की जरूरत नहीं है।
इसलिए LPG ई-केवाईसी को 1 नवंबर से शुरू होने वाला नया नियम बताने के बजाय, उपभोक्ताओं को अपनी मौजूदा स्थिति जांचने की सलाह दी जानी चाहिए।
6. हाईवे के पास रहने वालों के लिए ₹1,500 का सालाना लोकल टोल पास
राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए रियायती लोकल पास की सुविधा 1 नवंबर 2026 से लागू हो रही है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार:
- नगर निकाय या स्थानीय कस्बे की सीमा से बाहर स्थित पात्र टोल प्लाजा के लिए सालाना पास की कीमत ₹1,500 होगी।
- संबंधित सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए सालाना शुल्क ₹3,000 होगा।
- वाहन पर वैध और चालू FASTag होना चाहिए।
- पास संबंधित टोल प्लाजा के लिए मान्य होगा; इसे दूसरे टोल प्लाजा पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
- कुछ बंद टोल-संग्रह प्रणालियों वाले राजमार्गों और वैकल्पिक सड़क उपलब्ध होने की स्थितियों में यह सुविधा लागू नहीं होगी।
यह व्यवस्था स्थानीय निवासियों को नियमित आवागमन में राहत देने के उद्देश्य से लाई गई है। पात्रता और संबंधित टोल प्लाजा की जानकारी आधिकारिक सूचना से जांचनी चाहिए।
7. दिल्ली में विंटर प्रदूषण प्लान: वाहनों और दफ्तरों पर पाबंदियां
दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से विंटर प्लान लागू होगा। इसमें वाहनों, पार्किंग, निर्माण गतिविधियों और कार्यालयों के संचालन से जुड़े कई कदम शामिल हैं।
प्रमुख उपायों में शामिल हैं:
- दिल्ली के बाहर पंजीकृत निर्धारित BS-VI से कम मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध, जिसमें घोषित छूट वाली श्रेणियां शामिल नहीं होंगी।
- वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होने पर ईंधन देने पर रोक।
- अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना करना।
- सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों के घर से काम करने की व्यवस्था।
- प्रदूषण बढ़ाने वाली कुछ निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक।
वाहनों से संबंधित प्रतिबंधों और कार्यस्थल व्यवस्था की अवधि अलग-अलग हो सकती है। दिल्ली सरकार की घोषित योजना के अनुसार, कुछ प्रमुख उपाय जनवरी 2027 के अंत तक और पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी फरवरी 2027 के अंत तक लागू रहने वाली है।
वाहन चालकों को दिल्ली में प्रवेश से पहले अपने वाहन के उत्सर्जन मानक और लागू छूट की जानकारी जांच लेनी चाहिए।
8. दिल्ली में सरकारी दफ्तरों की टाइमिंग बदलेगी
दिल्ली में यातायात और प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव किया गया है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार:
- दिल्ली नगर निगम (MCD): सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक।
- दिल्ली सरकार के अन्य कार्यालय: सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक।
ये बदले हुए समय 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहने के लिए घोषित किए गए हैं। कार्यालय जाने से पहले संबंधित विभाग की सूचना देखना उचित होगा।
9. पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का समय
पेंशन प्राप्त करने वाले लोगों को हर साल अपना जीवन प्रमाणपत्र यानी Life Certificate जमा करना होता है। नवंबर 2026 में 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनर्स अपना प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं, जबकि 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से उपलब्ध है।
पेंशनर्स बैंक शाखा, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी Jeevan Pramaan और उपलब्ध डोरस्टेप बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। डिजिटल प्रमाणपत्र के लिए स्मार्टफोन पर फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध है।
इसलिए नवंबर में लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया को बिल्कुल नया नियम नहीं माना जाना चाहिए। जिन पेंशनर्स ने प्रमाणपत्र पहले ही जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा जमा करने की जरूरत है या नहीं, इसकी पुष्टि अपने पेंशन-वितरण बैंक से करनी चाहिए।
10. GST नियमों में बदलाव: लागू होने की तारीख जांचना जरूरी
GST से जुड़े कुछ प्रावधानों में बिक्री के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट और क्रेडिट नोट के टैक्स उपचार से संबंधित बदलाव प्रस्तावित हैं। लेकिन इन्हें 1 नवंबर 2026 से लागू मानने से पहले संबंधित अधिसूचना की जांच जरूरी है।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के उपलब्ध कानूनी पाठ में वित्त अधिनियम, 2026 के तहत क्रेडिट नोट से संबंधित प्रावधान के लिए प्रभावी तारीख को अधिसूचित किया जाना बाकी बताया गया है। इसलिए यह दावा करना सही नहीं होगा कि सभी संबंधित बदलाव 1 नवंबर से निश्चित रूप से लागू हो रहे हैं।
कारोबारियों को क्रेडिट नोट, डिस्काउंट और रिफंड से जुड़े किसी भी बदलाव को लागू करने से पहले CBIC या GST पोर्टल पर जारी नवीनतम अधिसूचना देखनी चाहिए।
आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
1 नवंबर 2026 से जुड़े अपडेट में कुछ बदलाव सीधे लागू होंगे, जबकि कुछ नियम पहले से प्रभावी हैं। PNB क्रेडिट कार्ड धारकों, दिल्ली में वाहन चलाने वालों, स्थानीय टोल पास के पात्र लोगों और पेंशनर्स को अपनी जरूरत के अनुसार आधिकारिक दिशानिर्देश जांचने चाहिए।
सबसे जरूरी बात: सोशल मीडिया या अधूरी खबर के आधार पर किसी नियम को नया या अनिवार्य न मानें। बैंक, सरकारी विभाग और संबंधित नियामक संस्थाओं की आधिकारिक सूचना के आधार पर ही जरूरी कार्रवाई करें।
