रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के नेतृत्व वाली डिजिटल और टेलीकॉम दिग्गज, जियो प्लेटफॉर्म्स, भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है. विश्वसनीय सूत्रों और बाजार की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए अगले कुछ दिनों में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है.
इतिहास का सबसे बड़ा निर्गम
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा. इससे पहले भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का ₹21,000 करोड़ का आईपीओ शीर्ष पर था, लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स का इश्यू साइज इसे कहीं पीछे छोड़ सकता है. अनुमानों के मुताबिक, इस आईपीओ के जरिए कंपनी लगभग $4 बिलियन (करीब ₹33,000 करोड़ से अधिक) जुटाने की योजना बना रही है.
पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS)
सूत्रों के मुताबिक, यह निर्गम मुख्य रूप से एक बिक्री पेशकश होगा. इसका अर्थ है कि कंपनी नए शेयर जारी करने के बजाय अपने मौजूदा निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी कम करने का अवसर देगी. वर्तमान में, जियो प्लेटफॉर्म्स में मेटा (10%), गूगल (7.7%), और केकेआर (KKR) जैसे 14 वैश्विक दिग्गजों की हिस्सेदारी है. ये निवेशक अपनी होल्डिंग का लगभग 8% से 8.5% हिस्सा बाजार में बेच सकते हैं.
विशाल मूल्यांकन
जियो प्लेटफॉर्म्स के मूल्यांकन को लेकर वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों के बीच काफी उत्साह है. जेफरीज (Jefferies) ने कंपनी का संभावित मूल्य 180 अरब डॉलर आंका है, जबकि जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने इसका मूल्यांकन 136 अरब डॉलर के आसपास बताया है. यह विशाल वैल्यूएशन जियो को न केवल भारत, बल्कि दुनिया की सबसे मूल्यवान तकनीकी कंपनियों की कतार में खड़ा कर देगा.
लिस्टिंग का समय और बैंकर्स की नियुक्ति
रिलायंस समूह का लक्ष्य 2026 की पहली छमाही (संभवतः अप्रैल-जून तिमाही) तक कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने का है. इस मेगा इश्यू के प्रबंधन के लिए कंपनी ने मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन जैसे लगभग 19 प्रमुख निवेश बैंकों की एक टीम नियुक्त की है.
हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन बाजार की नजरें अगले कुछ दिनों में होने वाली सेबी की फाइलिंग पर टिकी हैं.


