मनोचिकित्सक के मुताबिक वह मानसिक तनाव में थी और एक महीने पहले पेशेवर मदद मांगी थी.
कोलकाता: आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार 30 वर्षीय महिला डॉक्टर, अपनी मौत से पहले लंबे समय से मानसिक तनाव से जूझ रही थी. मनोचिकित्सक मोहित रणदीप के अनुसार, उन्होंने अपनी मौत से लगभग एक महीने पहले, 9 जुलाई 2024 को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी पेशेवर मदद मांगी थी. रणदीप का दावा है कि पीड़िता कई वजहों से मानसिक रूप से परेशान थी और तनाव का उनके जीवन पर गहरा असर पड़ रहा था.
मनोचिकित्सक ने खुलासा किया कि महिला डॉक्टर को अस्पताल में लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती थी, जिससे उनकी मानसिक स्थिति नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रही थी. इसके अलावा, शिफ्टों के बंटवारे में भेदभाव की शिकायतें भी थीं. सरकारी अस्पताल में मौजूद अनियमितताओं के बारे में जानकारी होने की वजह से वह और ज्यादा मानसिक दबाव में आ गई थी. रणदीप ने कहा कि ये सभी कारक मिलकर उनके मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर रहे थे, जिसकी वजह से उन्होंने पेशेवर परामर्श लेने का फैसला किया था.
सीबीआई जांच में गवाही देने को तैयार मनोचिकित्सक
मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के सामने मनोचिकित्सक मोहित रणदीप ने गवाही देने की पेशकश की है. उन्होंने एक प्रमुख बांग्ला टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे सीबीआई के सामने पेश होकर अपने दावों की पुष्टि करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता के मानसिक तनाव के पीछे कई गहरी वजहें थीं, जिनकी जांच जरूरी है. उनके द्वारा बताई गई जानकारी सीबीआई जांच को एक नई दिशा दे सकती है.
हॉस्पिटल के सेमिनार रूम में मिला था शव
गौरतलब है कि महिला डॉक्टर का शव 9 अगस्त 2024 को उत्तर कोलकाता स्थित आरजी कर हॉस्पिटल के सेमिनार रूम में मिला था. इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. बलात्कार और हत्या के इस संगीन मामले में सीबीआई जांच जारी है और पीड़िता के मानसिक तनाव से जुड़े नए खुलासे से जांच को एक नया मोड़ मिल सकता है.