Thursday, April 2, 2026

RBI के कड़े कदमों से रुपया 151 पैसे सुधरकर 93.19 पर पहुंचा.

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मुंबई: भारतीय मुद्रा बाजार में गुरुवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर से शानदार वापसी करने में सफल रहा. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए सख्त कदमों के बाद रुपया 1.6 प्रतिशत यानी 151 पैसे की मजबूती के साथ 93.19 प्रति डॉलर पर पहुंच गया.

RBI का मास्टरस्ट्रोक: सट्टेबाजी पर लगाम
पिछले कुछ दिनों से रुपया लगातार दबाव में था और सोमवार को इसने पहली बार 95 प्रति डॉलर के स्तर पार कर लिया था. स्थिति को बिगड़ते देख केंद्रीय बैंक ने बुधवार को हस्तक्षेप किया. RBI ने अधिकृत बैंकों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब बैंक ग्राहकों को ‘रुपया-लिंक्ड नॉन-डिलिवरेबल डेरिवेटिव’ (NDD) कॉन्ट्रैक्ट नहीं दे सकेंगे. इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में बैंकों के लिए ‘नेट ओपन पोजीशन’ (NOP) की सीमा 100 मिलियन डॉलर तय कर दी गई है. इन कदमों का मुख्य उद्देश्य बाजार में रुपये के खिलाफ होने वाली सट्टेबाजी को रोकना है.

बाजार का हाल और शुरुआती झटके
गुरुवार सुबह जब बाजार खुला, तो रुपया 94.62 के स्तर पर था, लेकिन RBI की नई नीतियों के सकारात्मक असर के कारण कुछ ही घंटों में यह सुधरकर 93.19 पर आ गया. गौरतलब है कि मंगलवार और बुधवार को महावीर जयंती और वार्षिक लेखाबंदी के कारण मुद्रा बाजार बंद था, जिससे सोमवार की भारी गिरावट के बाद निवेशकों को प्रतिक्रिया देने का आज पहला मौका मिला.

शेयर बाजार और कच्चे तेल का दबाव
रुपये में सुधार के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली देखी गई. सेंसेक्स 1,312 अंक गिरकर 71,821 पर और निफ्टी 410 अंक टूटकर 22,383 के स्तर पर आ गया. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली (करीब 8,331 करोड़ रुपये) रुपये के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.

इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 4.84% का उछाल आया है, जिससे कच्चा तेल 106.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. डॉलर इंडेक्स भी 99.77 के स्तर पर मजबूत बना हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि RBI के हस्तक्षेप से तात्कालिक राहत मिली है, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव आने वाले दिनों में रुपये की स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती बने रहेंगे.

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