रांची, 22 अक्टूबर 2026। रांची विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी प्रवेश की साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले दिन 13 विभागों में आयोजित साक्षात्कार में कुल 227 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिनमें से 194 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। इस तरह पहले दिन कुल उपस्थिति 85.46 प्रतिशत दर्ज की गई।
विश्वविद्यालय में प्रवेश साक्षात्कार की यह प्रक्रिया 22 से 24 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, शोध में शैक्षणिक गुणवत्ता, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रक्रिया को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप संचालित किया जा रहा है।
पहले दिन 13 विभागों में हुआ साक्षात्कार
पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के पहले दिन विश्वविद्यालय के 13 विभागों में अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया। इनमें निम्नलिखित विभाग शामिल रहे:
- मानवशास्त्र
- वाणिज्य
- अंग्रेजी
- भूगोल
- भूविज्ञान
- हिंदी
- गृह विज्ञान
- खड़िया
- खोरठा
- कुड़माली
- कुड़ुख
- दर्शनशास्त्र
- प्राणिशास्त्र
इन विभागों में चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए 13 बाह्य परीक्षकों ने भाग लिया। बाहरी परीक्षकों की सहभागिता का उद्देश्य साक्षात्कार प्रक्रिया में शैक्षणिक मानकों और निष्पक्षता को महत्व देना है।
दर्शनशास्त्र विभाग में सर्वाधिक अभ्यर्थी उपस्थित
विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध विभागवार आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन दर्शनशास्त्र विभाग में सबसे अधिक 34 अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल हुए। इसके बाद प्राणिशास्त्र विभाग में 32 अभ्यर्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
वाणिज्य, भूगोल और हिंदी विभागों में 30-30 अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल हुए। वहीं, भूविज्ञान, खड़िया, खोरठा और कुड़माली विभागों में निर्धारित सभी अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई।
कुल 227 निर्धारित अभ्यर्थियों में से 194 की उपस्थिति के साथ पहले दिन की प्रक्रिया संपन्न हुई।
24 अक्टूबर तक चलेगी प्रवेश प्रक्रिया
रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश के लिए साक्षात्कार 24 अक्टूबर तक जारी रहेंगे। इस दौरान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित विभागों में अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शोध प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों के चयन पर जोर दिया है। इसके साथ ही शोध की गुणवत्ता को मजबूत करने और प्रवेश प्रक्रिया में जवाबदेही बनाए रखने को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
शोध की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की पहल पर पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में शैक्षणिक गुणवत्ता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालयों में शोध कार्य को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में अभ्यर्थियों का उचित मूल्यांकन और निर्धारित नियमों का पालन शोध की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
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