28 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
रांची: झारखंड की राजधानी रांची और महाराष्ट्र के पुणे के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों को सीमित ट्रेन विकल्पों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हटिया–पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस सप्ताह में केवल दो दिन चलती है। करीब 30 घंटे के लंबे सफर में पैंट्री कार की सुविधा नहीं होने से यात्रियों को भोजन की व्यवस्था भी खुद करनी पड़ती है। ऐसे में रांची से पुणे के बीच अतिरिक्त ट्रेन चलाने और मौजूदा सेवा में सुविधाएं बढ़ाने की मांग उठ रही है।
सप्ताह में सिर्फ दो दिन मिलती है सीधी ट्रेन
ट्रेन संख्या 22846 हटिया–पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सोमवार और शुक्रवार को रात 8 बजे हटिया स्टेशन से रवाना होती है। यह तीसरे दिन तड़के 2:15 बजे पुणे पहुंचती है। दोनों शहरों के बीच रेल मार्ग की दूरी लगभग 1,768 किलोमीटर बताई गई है।
सीधी ट्रेन सप्ताह में केवल दो दिन उपलब्ध होने के कारण अन्य दिनों में यात्रा करने वाले लोगों को कनेक्टिंग ट्रेन का विकल्प तलाशना पड़ता है। कुछ यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख में बदलाव भी करना पड़ सकता है।
पढ़ाई और नौकरी के लिए जाने वाले यात्रियों को परेशानी
पुणे में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और कारोबार के सिलसिले में यात्रा करने वालों के लिए रांची से सीधी रेल सेवा महत्वपूर्ण है। सीमित परिचालन दिनों के कारण यात्रा की योजना बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों, बुजुर्गों और अधिक सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को भी वैकल्पिक ट्रेन पकड़ने की स्थिति में अतिरिक्त असुविधा हो सकती है।
30 घंटे के सफर में पैंट्री कार की सुविधा नहीं
हटिया–पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस में पैंट्री कार नहीं होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में यात्रियों को रास्ते के स्टेशनों पर उपलब्ध खानपान सुविधाओं या ई-कैटरिंग सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है।
लंबी दूरी की यात्रा में भोजन और पेयजल की व्यवस्था पहले से करना यात्रियों के लिए जरूरी हो जाता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर करने वाले परिवारों को खानपान की योजना बनाकर चलना पड़ता है।
अमृत भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव
रांची और पुणे के बीच रेल सुविधा बेहतर करने के लिए नई ट्रेन चलाने की मांग भी रेलवे के समक्ष रखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 में दक्षिण पूर्व रेलवे की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) के सदस्य अरुण जोशी ने इस मार्ग पर अमृत भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को दिया था।
इसके अलावा टाटानगर के रास्ते शालीमार–पुणे ट्रेन चलाने का सुझाव भी रखा गया था। प्रस्ताव का उद्देश्य इस क्षेत्र के यात्रियों को पुणे जाने के लिए अधिक रेल विकल्प उपलब्ध कराना है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में रेलवे बोर्ड की ओर से इन प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए नई ट्रेन के परिचालन को फिलहाल प्रस्तावित मांग के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
यात्रियों को रेलवे से क्या उम्मीदें हैं?
रांची–पुणे मार्ग पर अतिरिक्त सीधी ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को सप्ताह के अलग-अलग दिनों में सफर करने का विकल्प मिल सकता है। वहीं, मौजूदा ट्रेन में खानपान की सुविधाओं को बेहतर बनाने से लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है।
फिलहाल यात्रियों की नजर रेलवे की ओर से लिए जाने वाले फैसले पर है। नई ट्रेन को मंजूरी मिलने या मौजूदा सेवा में बदलाव होने के संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
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