Saturday, August 8, 2026

Ranchi News: सदर अस्पताल में USG जांच का लंबा इंतजार, एक ही मशीन के भरोसे मरीज.

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रांची: राजधानी रांची के सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड (USG) जांच कराने वाले मरीजों को इन दिनों काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में सीमित संसाधनों और रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण मरीजों को जांच के लिए लंबी तारीख मिल रही है। कई मरीजों को तत्काल जांच की जरूरत होने के बावजूद कई दिनों या हफ्तों बाद का समय दिया जा रहा है।

जांच के लिए मरीजों को मिल रही लंबी तारीख

लोहरदगा से रांची पहुंची एक मरीज ने बताया कि उसके क्षेत्र में गले का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाने के कारण वह ट्रेन से सदर अस्पताल आई थी। अस्पताल पहुंचने पर उसे 24 अगस्त की तारीख दी गई। जांच नहीं हो पाने के कारण उसे वापस लौटना पड़ा।

इसी तरह सोनाहातू से आए एक अन्य मरीज को भी USG के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। बाद में परिचित कर्मचारी के जरिए उसे 12 अगस्त की तारीख मिली। इसके बावजूद उसे उस दिन तत्काल जांच नहीं हो सकी।

मरीजों का कहना है कि सामान्य जांच के लिए भी लंबी तारीख मिलने से इलाज की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए बार-बार अस्पताल का चक्कर लगाना भी मुश्किल साबित हो रहा है।

रेडियोलॉजिस्ट की कमी बनी बड़ी वजह

मरीजों की समस्या को लेकर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश कुमार सिंह से बात की गई। उन्होंने रेडियोलॉजिस्ट की कमी को जांच में देरी की प्रमुख वजह बताया। उनका कहना है कि समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

अस्पताल में फिलहाल एक USG मशीन के जरिए जांच की जा रही है। दूसरी मशीन, जो एक संस्था की ओर से उपलब्ध कराई गई थी, खराब बताई जा रही है। वहीं चालू मशीन भी काफी पुरानी हो चुकी है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मरीजों को राहत देने के लिए अल्ट्रासाउंड जांच का काम शाम करीब छह बजे तक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक मरीजों की जांच हो सके।

रिम्स में भी मरीजों को करना पड़ रहा इंतजार

USG जांच को लेकर सिर्फ सदर अस्पताल में ही समस्या नहीं है। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए कई बार आगे की तारीख दी जाती है।

रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिशिर कुमार ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज USG के लिए पहुंचते हैं। इनमें कुछ मरीजों को बीमारी की स्थिति के अनुसार तत्काल जांच की आवश्यकता होती है, जबकि कुछ मामलों में कुछ दिनों की देरी से इलाज पर विशेष असर नहीं पड़ता।

उन्होंने बताया कि मरीज की आवश्यकता और बीमारी की स्थिति को देखते हुए रेडियोलॉजी विभाग में जांच की तारीख निर्धारित की जाती है। उनका कहना है कि अधिक विस्तृत जानकारी के लिए सवाल लिखित रूप में दिए जाने पर विभाग की ओर से जवाब उपलब्ध कराया जा सकता है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच संसाधनों की चुनौती

रांची सदर अस्पताल में पिछले वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं और आधारभूत संरचना में विस्तार हुआ है। इसके बावजूद USG जैसी नियमित जांच के लिए मशीन और विशेषज्ञों की कमी मरीजों के सामने चुनौती बनी हुई है। खासकर दूर-दराज से आने वाले मरीजों को जांच की लंबी तारीख मिलने पर अतिरिक्त समय और खर्च का सामना करना पड़ता है।

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