रांची: झारखंड आदिवासी महोत्सव को लेकर राजधानी में प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 9 और 10 अगस्त को मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले महोत्सव से पहले शनिवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और एसएसपी राकेश रंजन ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंच से लेकर प्रवेश-निकास तक की जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए स्टॉल, मंच, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था और प्रवेश व निकास द्वारों को देखा। इसके साथ ही मैदान के आसपास के क्षेत्रों की स्थिति की भी जानकारी ली गई।
उपायुक्त ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ भीड़ नियंत्रण, अग्निशमन, प्राथमिक चिकित्सा, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को जरूरी तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया।
प्रवेश द्वारों पर होगी कड़ी जांच
डीसी ने बताया कि महोत्सव के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। उन्होंने स्टॉल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ बिजली से जुड़े इंतजामों की भी जांच करने को कहा।
उन्होंने विशेष रूप से आपात स्थिति में लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने वाले रास्तों को पूरी तरह खुला और बाधामुक्त रखने का निर्देश दिया। डीसी ने कहा कि आदिवासी महोत्सव राज्य की संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है, इसलिए सुरक्षा के साथ सभी व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन जरूरी है।
CCTV से रखी जाएगी नजर
एसएसपी राकेश रंजन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कार्यक्रम स्थल पर CCTV निगरानी को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर लगातार नजर रखने को कहा।
प्रवेश द्वारों पर आने वाले लोगों की सघन जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस को मोरहाबादी और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। लोगों की सुविधा को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
आदिवासी संस्कृति की दिखेगी झलक
दो दिवसीय महोत्सव में झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में लोक कला, पारंपरिक नृत्य-संगीत, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यंजनों समेत विभिन्न सांस्कृतिक पहलुओं की झलक देखने को मिलेगी।
आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को अपनी तैयारियां समय पर पूरी करने और आयोजन के दौरान लगातार निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि महोत्सव को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना उसकी प्राथमिकता है।
