मुंबई: रिटायरमेंट के बाद सिर्फ पैसे मिलना ही काफी नहीं होता, बल्कि बढ़ती उम्र में बीमारियों का खर्च सबसे बड़ी चिंता बन जाता है. इसी चिंता को दूर करने के लिए पेंशन नियामक पीएफआरडीए (PFRDA) एक शानदार योजना लेकर आया है. पीएफआरडीए के चेयरमैन एस. रमन ने बताया कि अब देश में ऐसी पेंशन योजनाएं आ रही हैं, जिनमें पेंशन के साथ-साथ ‘हेल्थ कवर’ यानी स्वास्थ्य बीमा की सुविधा भी जुड़ी होगी.
तीन बड़ी कंपनियां कर रही हैं तैयारी
इस नई पहल को जमीन पर उतारने के लिए तीन प्रमुख पेंशन फंड— ICICI, Axis और Tata—तेजी से काम कर रहे हैं. ये कंपनियां या तो खुद सीधे अस्पतालों से हाथ मिलाएंगी या फिर बड़ी बीमा कंपनियों के साथ मिलकर ऐसे प्रोडक्ट लॉन्च करेंगी, जिससे निवेशक को एक ही छत के नीचे बचत और सुरक्षा दोनों मिल सके. उम्मीद जताई जा रही है कि ICICI जल्द ही अपना पहला ऐसा उत्पाद बाजार में पेश कर देगा.
क्या है ‘स्वास्थ्य’ पेंशन का गणित?
पीएफआरडीए ने इस साल ‘स्वास्थ्य’ नाम के एक खास प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कोई भी निवेशक अपनी पेंशन राशि का 30 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ मेडिकल जरूरतों के लिए सुरक्षित रख सकेगा. चेयरमैन रमन ने कहा, “हम चाहते हैं कि लोग चिकित्सा के लिए अलग से बचत करें. यह पैसा केवल बीमारी के खर्चों के लिए ही होगा, ताकि वक्त आने पर आपको किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े.”
आम जनता को कैसे होगा फायदा?
चूंकि एनपीएस (NPS) से करोड़ों लोग जुड़े हैं, इसलिए बड़ी संख्या में ग्राहक होने का फायदा आम लोगों को मिलेगा. पीएफआरडीए बीमा कंपनियों से मोलभाव करके आपके लिए सस्ता टॉप-अप कवर और अस्पतालों से सस्ता इलाज सुनिश्चित करवाएगा. एक और बड़ी बात यह है कि इस योजना के तहत अस्पतालों को मरीज के डिस्चार्ज होते ही तुरंत भुगतान मिल जाएगा, जिससे इलाज मिलने में कोई देरी नहीं होगी.
रिटर्न बढ़ाने पर भी जोर
निवेशकों को ज्यादा मुनाफा देने के लिए भी रणनीति बदली जा रही है. अब पेंशन का पैसा सिर्फ शेयर या सरकारी बॉन्ड में ही नहीं, बल्कि सोना, चांदी, रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure) में भी लगाया जाएगा. इसका लक्ष्य यह है कि निवेशकों को लंबे समय तक 10% से ज्यादा का रिटर्न मिलता रहे.
डिजिटल इंडिया से जुड़ेगी पेंशन
पेंशन के दायरे को बढ़ाने के लिए नियामक अब NPCI के साथ भी बातचीत कर रहा है. जल्द ही आप अपने मोबाइल और डिजिटल माध्यमों से बेहद आसानी से इस योजना से जुड़ सकेंगे.
इसके साथ ही रमन ने कहा कि कम-से-कम चार बैंकों या बैंकों के समूह ने पेंशन कोष कारोबार में उतरने की इच्छा जताई है. इनमें एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक एवं स्टार डायची का समूह शामिल हैं.


