Wednesday, October 7, 2026

Patna-Muzaffarpur Rapid Rail: पटना से मुजफ्फरपुर का सफर होगा तेज, 3 इंडस्ट्रियल हब से जुड़ेगा रैपिड रेल कॉरिडोर.

Share

पटना: बिहार में क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को विकसित करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। प्रस्तावित योजना के तहत पटना और मुजफ्फरपुर के बीच रैपिड रेल कॉरिडोर तैयार किया जाना है। परियोजना पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब एक घंटे तक आने की उम्मीद है।

इस कॉरिडोर के जरिए पटना, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने की योजना है। साथ ही भविष्य में एयरपोर्ट समेत अन्य परिवहन माध्यमों से बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

NCRTC तैयार करेगा एएआर और डीपीआर

बिहार सरकार ने आरआरटीएस के चार संभावित कॉरिडोर विकसित करने का फैसला लिया है। इसके लिए अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है। इस काम के लिए करीब 31.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।

रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) को दी गई है। संस्था की टीम ने अध्ययन का काम शुरू कर दिया है। इसमें यात्रियों की संभावित संख्या, यात्रा की जरूरत और ट्रैफिक पैटर्न का आकलन किया जाएगा।

हाजीपुर के रास्ते बनेगा कनेक्शन

प्रस्तावित रैपिड रेल पटना से हाजीपुर होते हुए मुजफ्फरपुर तक पहुंचाने की योजना है। इसके लिए अलग आरआरटीएस कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह व्यवस्था मौजूदा मेट्रो सेवा से अलग होगी और लंबी दूरी के तेज आवागमन को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी।

परियोजना पूरी होने पर पटना-मुजफ्फरपुर के बीच सफर का समय मौजूदा समय की तुलना में काफी कम हो सकता है। फिलहाल सड़क और सामान्य रेल यात्रा में करीब दो घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है, जबकि रैपिड रेल से यह दूरी लगभग एक घंटे में तय करने का लक्ष्य है।

160 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है रफ्तार

आरआरटीएस ट्रेनों की औसत परिचालन गति करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे और अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई है। इसी वजह से इसे शहरों के बीच तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन विकल्प के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

पटना-मुजफ्फरपुर कॉरिडोर से तीन प्रमुख औद्योगिक केंद्रों—पटना, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर—के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी बढ़ाने की संभावना पर भी अध्ययन किया जाएगा।

रूट और स्टेशन का फैसला अध्ययन के बाद

AAR के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि किन इलाकों में यात्रियों की आवाजाही सबसे अधिक है। इसके आधार पर संभावित रूट, स्टेशन और स्टॉपेज तय करने के विकल्पों पर विचार होगा।

अध्ययन में जमीन की उपलब्धता, परियोजना की लागत, निर्माण तकनीक और यातायात की जरूरत जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा पटना मेट्रो, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के साथ रैपिड रेल का इंटरकनेक्शन कैसे बनाया जाए, इस पर भी रिपोर्ट तैयार होगी।

रिपोर्ट और तकनीकी अध्ययन पूरा होने के बाद परियोजना के संभावित रूट, स्टेशन और निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News