Pan Masala Packaging Rules: पान मसाला उद्योग से जुड़ी कंपनियों के लिए अगस्त 2026 से पैकेजिंग नियमों में बदलाव की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग में प्लास्टिक और कुछ सिंथेटिक सामग्री के इस्तेमाल को लेकर नए प्रावधान किए हैं। इसका उद्देश्य पैकेजिंग से पैदा होने वाले प्लास्टिक कचरे को कम करना बताया गया है।
प्लास्टिक पाउच की जगह वैकल्पिक पैकेजिंग
नए प्रावधानों के तहत पान मसाला की पैकेजिंग में पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलिएस्टर और PVC जैसी प्लास्टिक या सिंथेटिक सामग्री के इस्तेमाल पर रोक का उल्लेख है। पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली कुछ प्लास्टिक या धातु-लेपित परतों को लेकर भी प्रतिबंध की जानकारी दी गई है।
इसके स्थान पर कागज, पेपरबोर्ड, सेल्यूलोज, टिन और कांच जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। इससे बाजार में पहले इस्तेमाल होने वाले छोटे प्लास्टिक पाउच की जगह अलग तरह की पैकेजिंग देखने को मिल सकती है।
कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है असर
पैकेजिंग सामग्री में बदलाव का असर निर्माताओं की उत्पादन लागत पर पड़ने की संभावना है। कागज, टिन या कांच की पैकेजिंग प्लास्टिक पाउच की तुलना में अधिक महंगी हो सकती है। कंपनियों को पैकेजिंग व्यवस्था और मशीनरी में भी बदलाव करना पड़ सकता है।
उद्योग के लिए परिवहन और भंडारण से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं, खासकर यदि कांच या अन्य अपेक्षाकृत भारी सामग्री का इस्तेमाल बढ़ता है। हालांकि, इन बदलावों का अंतिम आर्थिक असर कंपनियों की नई पैकेजिंग व्यवस्था और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
प्लास्टिक कचरा कम करने पर जोर
पैकेजिंग में प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करना इस तरह के नियमों का प्रमुख पर्यावरणीय उद्देश्य माना जा रहा है। छोटे पाउच के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से उत्पन्न होने वाले प्लास्टिक कचरे को नियंत्रित करने की दिशा में पैकेजिंग संबंधी बदलाव महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
नोट: किसी भी नियामकीय बदलाव की वास्तविक लागू तारीख, अनुमत पैकेजिंग सामग्री और संबंधित शर्तों की पुष्टि FSSAI के आधिकारिक अधिसूचना/गजट से करना उचित है।
