Sunday, March 22, 2026

NASA की रिपोर्ट में Boeing Starliner मिशन की तकनीकी खामियों और गलत फैसलों को अंतरिक्ष यात्रियों के फंसने की मुख्य वजह बताया गया.

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 Nasa ने बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट को लेकर एक बेहद कड़ी रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि 2024 में हुए स्टारलाइनर के टेस्ट मिशन की नाकामी सिर्फ तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से नहीं थी, बल्कि इंजीनियरिंग खामियों के साथ-साथ एजेंसी के अंदर गलत फैसले भी इसकी बड़ी वजह बने थे. नासा ने इस मिशन को “Type A mishap” की कैटेगिरी में रखा है, जो सबसे गंभीर स्तर की नाकामी यानी विफलता मानी जाती है. इसी कैटेगरी में इससे पहले स्पेस शटल चैलेंजर और कोलंबिया जैसी दुर्घटनाएं आ चुकी हैं. नासा के मुताबिक, इस स्तर की विफलता का मतलब है कि उस मिशन में बड़ा हादसा होने की पूरी संभावना थी.

इस मिशन के दौरान नासा के दो एस्ट्रोनॉट्स बुच विल्मोर (Butch Wilmore) और भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) नौ महीने तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station) पर फंसे रहे थे. उनका मिशन सिर्फ आठ से चौदह दिनों का था, लेकिन ऑर्बिट में पहुंचने के बाद स्टारलाइनर के प्रोपल्शन सिस्टम में कई गंभीर समस्याएं सामने आईं. इसके बाद यह तय किया गया कि यह स्पेसक्राफ्ट उन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस पृथ्वी पर लेकर आने के लिए सुरक्षित नहीं है.

नासा के एडमिनिस्ट्रेटर Jared Isaacman ने कहा कि इस जांच में सबसे परेशान करने वाली बात हार्डवेयर नहीं, बल्कि लीडरशिप और फैसले लेने की प्रक्रिया रही. उनके मुताबिक, अगर ऐसी कार्यशैली को बदला नहीं गया, तो यह इंसानी स्पेसफ्लाइट के लिए खतरनाक संस्कृति को जन्म दे सकती है. इस रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बोइंग के स्टारलाइनर की इमेज को बचाने की चिंता ने शुरुआती जांच को प्रभावित भी किया था.

सुरक्षा लिहाज से बेहद कम भरोसेमंद स्टारलाइनर

नासा का मानना है कि जरूरत से ज्यादा “प्रोग्रामेटिक एडवोकेसी” ने मिशन, क्रू और अमेरिका के स्पेस प्रोग्राम को ऐसे जोखिम में डाल दिया, जिसे उस समय पूरी तरह समझा ही नहीं गया. Isaacman ने साफ कहा कि फिलहाल स्टारलाइनर अन्य क्रू स्पेसक्राफ्ट्स की तुलना में क्रू की सुरक्षा के लिहाज से कम भरोसेमंद है. नासा ने फैसला किया है कि जब तक इस स्पेसक्राफ्ट की तकनीकी खामियों को पूरी तरह से समझकर ठीक नहीं किया जाता, तब तक इसमें किसी भी क्रू को अंतरिक्ष यात्रा पर नहीं भेजा जाएगा.

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नासा बोइंग के साथ काम जारी रखेगा, जैसा वह अपने अन्य पार्टनर्स के साथ करता है. इस बीच बोइंग ने बयान जारी कर कहा है कि उसने तकनीकी दिक्कतों को दूर करने में क्रम में काफी अच्छी प्रोग्रेस की है और टीम के अंदर काम करने के तरीके में भी बदलाव किए गए हैं, जैसा कि रिपोर्ट में भी सिफारिशें की गई थी.

नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर अमित क्षत्रिय ने भी एजेंसी की जिम्मेदारी स्वीकार की है. उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट से लेकर क्रू को लॉन्च करने तक, कई फैसले नासा ने खुद लिए और इसमें एजेंसी की जवाबदेही भी बनती है. उन्होंने माना कि रिपोर्ट के निष्कर्ष सुनना मुश्किल है, लेकिन पारदर्शिता ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है.

स्पेसएक्स स्पेसक्रॉफ्ट से वापस आए दोनों एस्ट्रोनॉट्स

आपको बता दें कि बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से अधिकतम 14 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा पर गए को दो एस्ट्रोनॉट्स बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स आखिरकार मार्च 2025 में सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए थे. उन्हें एलन मस्क (Elon Musk) की स्पेस कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) के क्रू-9 मिशन (Crew-9 Mission)

इस मिशन से वापस लौटने के बाद इन दोनों एस्ट्रोनॉट्स ने रिटायरमेंट ले लिया. बुच विल्मोर ने 6 अगस्त 2025 और सुनीता विलियम्स ने 27 दिसंबर 2025 को रिटायरमेंट लिया. सुनीता विलियम्स नासा से रिटायर होने के बाद हाल ही में वो कुछ दिनों के लिए भारत भी आई थीं, जहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था.

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