रांची: झारखंड में JSSC CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी की नियुक्ति गलत तरीके से हुई है तो जांच के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्रों के आंदोलन को देखते हुए रघुवर दास ने अपना प्रस्तावित एकदिवसीय सांकेतिक अनशन फिलहाल स्थगित कर दिया है। उनके मुताबिक, JPSC-JSSC Reform मंच से जुड़े छात्रों ने राज्य सरकार को CBI जांच की अनुशंसा के लिए 60 दिनों का समय देने का निर्णय लिया है।
छात्रों के फैसले के बाद अनशन स्थगित
रघुवर दास ने कहा कि वह छात्रों के संघर्ष और उनकी मांगों का सम्मान करते हैं। चूंकि छात्रों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है, इसलिए उन्होंने भी अपना प्रस्तावित अनशन टाल दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, छात्रों की कुछ मांगों पर सरकार की ओर से कदम उठाए गए हैं, लेकिन CBI जांच की मांग अभी भी प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। उन्होंने सरकार से इस मामले में जल्द स्पष्ट निर्णय लेने की अपील की।
रघुवर दास ने सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें
पूर्व मुख्यमंत्री ने परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों में तीन प्रमुख मांगें उठाईं।
1. कथित परीक्षा गड़बड़ियों की CBI जांच
रघुवर दास का कहना है कि विभिन्न परीक्षाओं में सामने आए आरोपों की व्यापक और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।
2. उत्पाद सिपाही भर्ती के मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा
उन्होंने उत्पाद सिपाही भर्ती की शारीरिक परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले 19 अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग भी दोहराई।
3. JSSC CGL में योग्य और कथित रूप से दोषी अभ्यर्थियों में अंतर
रघुवर दास ने कहा कि यदि जांच में भर्ती प्रक्रिया से संबंधित अनियमितताएं सामने आती हैं तो सभी चयनित उम्मीदवारों को एक समान तरीके से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि योग्य अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित रहते हुए कथित तौर पर गलत तरीके से चयन पाने वालों की पहचान की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जांच के बाद यदि किसी अभ्यर्थी की नियुक्ति अनियमित या अवैध तरीके से हुई पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
छात्रों को मिला 60 दिन का समय
JPSC-JSSC Reform मंच से जुड़े आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार को CBI जांच की अनुशंसा के लिए 60 दिन का समय देने की बात कही है। इसी निर्णय के बाद रघुवर दास ने भी अपना प्रस्तावित अनशन स्थगित किया।
मामले में अब सरकार के अगले कदम पर छात्रों और राजनीतिक दलों की नजर रहेगी। जांच और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अंतिम स्थिति सरकारी निर्णय और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के बाद ही स्पष्ट होगी।
