Friday, September 11, 2026

JSSC CGL 2023: 1340 नियुक्त कर्मियों को राहत, हाईकोर्ट के आदेश पर काम जारी रखने का निर्देश.

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रांची: झारखंड में JSSC CGL-2023 के जरिए विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्त 1,340 अधिकारियों और कर्मचारियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद कार्मिक विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन कर्मचारियों से पहले की तरह काम लिया जाता रहे। विभाग ने इस संबंध में गुरुवार देर शाम संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया।

कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को भेजा पत्र

सरकार की ओर से जारी निर्देश अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, JSSC सचिव, प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलों के उपायुक्तों को भेजा गया है। इसमें हाईकोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित करने और प्रभावित कर्मचारियों को उनके पदों पर कार्य करने देने को कहा गया है।

इस आदेश के बाद उन कर्मचारियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर होने की उम्मीद है, जिन्हें परीक्षा और नियुक्ति रद्द करने के सरकारी फैसले के बाद काम को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

अगस्त में सरकार ने रद्द की थी परीक्षा और नियुक्तियां

JSSC CGL-2023 को लेकर विवाद के बीच राज्य मंत्रिपरिषद ने 17 अगस्त 2026 को परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया था। इसके अगले दिन, यानी 18 अगस्त को कार्मिक विभाग ने परीक्षा के साथ-साथ इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को निरस्त करने की अधिसूचना जारी की।

सरकार के इस फैसले को चुनौती देते हुए प्रभावित अधिकारियों और कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं।

हाईकोर्ट ने अधिसूचना पर लगाई अंतरिम रोक

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के उस आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसके तहत CGL परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियां रद्द की गई थीं। अदालत ने प्रभावित कर्मचारियों को अपने पदों पर काम जारी रखने की अनुमति दी।

अदालत ने प्रथम दृष्टया यह भी टिप्पणी की कि किसी नियमित नियुक्ति को समाप्त करने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना जरूरी है।

कई विभागों में काम और वेतन को लेकर बनी थी स्थिति

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अलग-अलग विभागों में प्रभावित कर्मियों से काम लेने को लेकर एकरूपता नहीं थी। कुछ स्थानों पर उनसे काम नहीं लिया जा रहा था, जबकि वेतन भुगतान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं थी।

अब कार्मिक विभाग के ताजा निर्देश के बाद इन 1,340 कर्मचारियों के पूर्ववत कार्य करने का रास्ता साफ हो गया है।

सरकार को CID जांच की जानकारी देने का निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मामले में चल रही CID जांच और अब तक की कार्रवाई की जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से पेश करने को कहा है। सरकार को अपना जवाब दाखिल करना है, जबकि याचिकाकर्ताओं को भी निर्धारित समयसीमा में जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को दोपहर 12:15 बजे निर्धारित है।

कब क्या हुआ?

  • जनवरी 2024: JSSC ने CGL परीक्षा आयोजित की।
  • जनवरी-फरवरी 2024: परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए और अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया।
  • फरवरी 2024: सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की।
  • जुलाई-अगस्त 2024: परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी हुआ। कुल 1,932 अभ्यर्थियों का चयन किया गया।
  • 17 अगस्त 2026: राज्य मंत्रिपरिषद ने CGL परीक्षा समेत संबंधित परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया।
  • 18 अगस्त 2026: सरकार ने परीक्षा और नियुक्तियों को रद्द करने की अधिसूचना जारी की।
  • 20-22 अगस्त 2026: प्रभावित अभ्यर्थियों और नियुक्त अधिकारियों ने हाईकोर्ट का रुख किया।
  • 28 अगस्त 2026: हाईकोर्ट ने सरकारी अधिसूचना के अमल पर अंतरिम रोक लगाई और प्रभावित कर्मियों को सेवा में बने रहने की अनुमति दी।
  • 10 सितंबर 2026: कार्मिक विभाग ने 1,340 कर्मियों से पूर्व की तरह काम लेते रहने का निर्देश जारी किया।

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