रांची, 19 अगस्त 2026: झारखंड में CGL परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ नौकरी पाने वाले कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को झारखंड मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन के बाद प्रभावित कर्मचारियों ने देर शाम प्रोजेक्ट भवन से बिरसा चौक तक कैंडल मार्च निकाला। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी मार्च में शामिल हुए और सरकार के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया के आधार पर नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों पर एक साथ कार्रवाई करना उचित नहीं है। कर्मचारियों ने कहा कि इस फैसले से उनके रोजगार के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी असर पड़ेगा।
जांच के बाद कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो पहले उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका तर्क है कि जांच में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि सभी नियुक्त कर्मचारियों को एक ही फैसले से प्रभावित किया जाना चाहिए।
कर्मचारियों ने सरकार से तत्काल समाधान निकालने की मांग करते हुए कहा कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में वे अपने आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेंगे।
मंत्रालय के बाहर भी हुआ प्रदर्शन
CGL से प्रभावित कर्मचारी मंगलवार को झारखंड मंत्रालय पहुंचे थे। हालांकि, उन्हें मंत्रालय परिसर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने बाहर ही विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के फैसले के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और सरकार से पूरे मामले में स्पष्ट स्थिति सामने रखने की मांग कर रहे हैं।
विशेष कैबिनेट बैठक के बाद बढ़ा विरोध
CGL भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य सरकार ने विशेष कैबिनेट बैठक में 2023 में शुरू हुई इस भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया था। सरकार के इस फैसले के बाद परीक्षा के जरिए नियुक्त हुए कर्मचारियों में भी असंतोष बढ़ गया है।
अब प्रभावित कर्मचारी नियुक्तियों पर फैसले को लेकर सरकार से पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने के बाद ही आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।
