Monday, September 28, 2026

JPSC-JSSC कथित अनियमितता मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CBI जांच की मांग पर 5 अक्टूबर को अगली तारीख.

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रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में PGTTCE-2023 को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग उठी है।

यह याचिका हरिशरण देवनाथ की ओर से दायर की गई है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। वहीं, PGTTCE-2023 से जुड़े आरोपों को लेकर अलग से हस्तक्षेप आवेदन भी अदालत के समक्ष रखा गया है।

PGTTCE-2023 को भी जांच में शामिल करने की मांग

कोशीलाल प्रसाद और अन्य की ओर से दायर हस्तक्षेप आवेदन में PGTTCE-2023 परीक्षा को लेकर कथित गड़बड़ी और सिस्टम में हेरफेर के आरोप लगाए गए हैं। आवेदन में कहा गया है कि 17 अगस्त 2026 को झारखंड सरकार की ओर से JPSC और JSSC से संबंधित मामलों को लेकर लिए गए फैसले में PGTTCE-2023 को न तो रद्द किया गया और न ही जांच के दायरे में रखा गया।

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि JPSC-JSSC से जुड़े मामले में सामने आए कुछ तथ्यों का संबंध PGTTCE-2023 से भी है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी अदालत की ओर से कोई अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं दिया गया है।

अभय कुमार तिवारी को लेकर भी लगाए गए आरोप

हस्तक्षेप आवेदन में अभय कुमार तिवारी का नाम भी शामिल है। याचिकाकर्ताओं की ओर से JPSC-JSSC से जुड़े कथित मामले में उनकी भूमिका होने का आरोप लगाया गया है। साथ ही PGTTCE-2023 से संबंधित मामले में भी उनकी कथित संलिप्तता की जांच की मांग की गई है।

PGTTCE-2023 से संबंधित मामले पहले झारखंड हाईकोर्ट में भी उठ चुके हैं। उपलब्ध अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, 2023 में आयोजित CBT परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने तकनीकी अथवा सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं के कारण चुने गए विकल्पों के गलत या बदले हुए तरीके से प्रदर्शित होने की शिकायत की थी। इन मामलों में डिजिटल रिकॉर्ड और उत्तर-पत्रों को सुरक्षित रखने की मांग भी सामने आई थी।

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने भी दाखिल की याचिका

सुप्रीम कोर्ट में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से भी दो हस्तक्षेप याचिकाएं दायर किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन आवेदनों में कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच की मांग की गई है।

मामले में हस्तक्षेप करने वाले पक्ष की ओर से अधिवक्ता अभिषेक राय, आकृती श्री और समीर रंजन (एओआर) के अदालत में उपस्थित रहने की जानकारी भी दी गई है।

5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को निर्धारित बताई गई है। यह तारीख मामले से जुड़े पक्ष की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर सामने आई है। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में फिलहाल इस तारीख से संबंधित विस्तृत आधिकारिक आदेश की पुष्टि नहीं हो सकी है।

अब आगे की सुनवाई में JPSC और JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं के साथ PGTTCE-2023 से संबंधित आरोपों पर भी अदालत के समक्ष पक्षकारों की दलीलें सामने आ सकती हैं।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि याचिकाओं में लगाए गए आरोप अभी आरोप के स्तर पर हैं और उन पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।

BharatSuperFastNews | रांची डेस्क

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