रांची: झारखंड में JPSC और JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है और जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक पहल की उम्मीद है।
राधाकृष्ण किशोर ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद और आपसी सहमति से ही संभव है। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से सरकार के साथ बातचीत करने की अपील की।
मंत्री ने बताया कि सरकार ने छात्रों की समस्याओं पर चर्चा और समाधान के लिए चार सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है। इस समिति में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, चमरा लिंडा और सुदिव्य कुमार सोनू शामिल हैं। समिति छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान का रास्ता तलाशने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है। छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार हर संभव कदम उठाएगी।
वित्त मंत्री ने विपक्ष से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई सुझाव या आपत्ति है तो वह विधानसभा में तार्किक तरीके से अपनी बात रख सकता है। सरकार हर उचित सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
राधाकृष्ण किशोर ने कांग्रेस नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी गंभीर है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की ओर से भी इस मामले में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है।
राहुल गांधी की भूमिका पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए किसी मुद्दे को उठाने और सरकार में रहते हुए समाधान निकालने की जिम्मेदारी अलग होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार की प्राथमिकता छात्रों की समस्याओं का समाधान करना है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत उचित कदम उठाए जाएंगे।
सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि JPSC-JSSC मुद्दे को लेकर जारी आंदोलन को लेकर जल्द कोई सहमति बन सकती है।
