Sunday, August 9, 2026

JPSC-JSSC विवाद पर बाबूलाल का बड़ा बयान, बोले- छह साल की सभी विवादित भर्तियों की हो निष्पक्ष जांच.

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रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार से व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की परेशानी केवल 14वीं JPSC परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों में आयोजित अलग-अलग परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।

मरांडी ने मांग की कि पिछले छह वर्षों में JPSC और JSSC की जिन परीक्षाओं को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच करायी जाए।

कई JSSC परीक्षाओं का किया जिक्र

बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि पिछले छह वर्षों के दौरान JSSC ने सहायक आचार्य, CGL, PGT और उत्पाद सिपाही समेत विभिन्न पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ परीक्षाओं को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आयी हैं।

उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की जरूरत बताते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य पर असर पड़ता है।

JPSC की पुरानी परीक्षाओं पर भी उठाये सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने JPSC की 11वीं, 12वीं, 13वीं और 14वीं सिविल सेवा परीक्षाओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि इन परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को अपनी समस्याओं और अनुभवों को सीधे सरकार के सामने रखने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि परीक्षा में वास्तव में शामिल अभ्यर्थी ही प्रक्रिया के दौरान सामने आयी समस्याओं के बारे में बेहतर जानकारी दे सकते हैं।

सभी अभ्यर्थी प्रतिनिधियों से संवाद की मांग

मरांडी ने सरकार से अपील की कि अलग-अलग परीक्षाओं में शामिल रहे अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से अलग-अलग बातचीत की जाए। उनके मुताबिक, किसी एक परीक्षा या सीमित संख्या में प्रतिनिधियों से बातचीत करने से पूरे विवाद की तस्वीर सामने नहीं आ सकती।

उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की मांगों को राजनीतिक नजरिये से देखने के बजाय परीक्षा प्रक्रिया और भर्ती व्यवस्था में सुधार के नजरिये से देखा जाना चाहिए।

CBI जांच की मांग दोहरायी

बाबूलाल मरांडी ने पिछले छह वर्षों में JPSC और JSSC की ओर से आयोजित विवादित परीक्षाओं की जांच CBI से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन परीक्षाओं में जांच के बाद अनियमितता प्रमाणित हो, उनके संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने सरकार पर अभ्यर्थियों के मुद्दे को सीमित करने का आरोप भी लगाया और कहा कि पूरे भर्ती तंत्र की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का व्यापक समाधान जरूरी है।

हालांकि, मरांडी द्वारा लगाए गए परीक्षा संबंधी आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल JPSC-JSSC विवाद को लेकर सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत का दौर जारी है।

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