रांची: झारखंड में JPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रविवार को सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच हुई बातचीत के बाद कई अहम फैसलों पर सहमति बनी। राज्य के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों और उनके अभिभावकों से आंदोलन समाप्त कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से ले रही है और जिन मामलों में सरकार के स्तर पर निर्णय संभव है, उनमें कार्रवाई की जा रही है। वहीं JPSC CGL परीक्षा को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा है। अदालत की ओर से कोई आदेश आने पर सरकार उसका पालन करेगी।
तीन दिनों की बातचीत के बाद बनी सहमति
सुदिव्य कुमार के साथ मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और संजय यादव भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे। मंत्री ने बताया कि सरकार और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है।
सरकार की ओर से कहा गया कि जिन मामलों में आपराधिक अनियमितताओं के आरोप हैं, उनकी जांच CID करेगी। वहीं आर्थिक अनियमितता सामने आने पर प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा। संबंधित मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की दिशा में भी सरकार सहमत है।
14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षाओं पर बड़ा फैसला
सरकार के अनुसार JPSC की 14वीं परीक्षा तथा बैकलॉग वर्ष 2023 और 2025 से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द किया जाएगा। इन परीक्षाओं को लेकर छात्रों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।
इसके अलावा TDPL कंपनी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की भी जांच CID से कराने की बात कही गई है। जरूरत पड़ने पर वित्तीय मामलों की जांच के लिए ED को भी जिम्मेदारी देने की बात सरकार ने कही है।
JSSC CGL को लेकर स्थिति अभी अलग
JSSC CGL परीक्षा के संबंध में सरकार और छात्रों के बीच फिलहाल कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है। सरकार का कहना है कि यह मामला न्यायालय के समक्ष जा चुका है और परीक्षा से संबंधित किसी भी निर्णय के लिए अदालत के आदेश का इंतजार करना होगा।
मंत्री ने कहा कि यदि न्यायालय परीक्षा रद्द करने का आदेश देता है, तो सरकार उस आदेश के अनुसार कार्रवाई करेगी। वहीं परीक्षा से जुड़े आरोपों की जांच जारी रहने की बात भी सामने आई है।
जांच के लिए CID ने जारी किया संपर्क माध्यम
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CID के एडीजी तथा रांची जोन के आईजी मनोज कौशिक ने छात्रों से गतिरोध समाप्त कर शांतिपूर्ण तरीके से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
उन्होंने बताया कि सरकार से निर्देश मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई थी और अब तक कई स्तरों पर कार्रवाई की जा चुकी है। जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास मामले से संबंधित कोई जानकारी है, तो वह CID तक पहुंचा सकता है। प्राप्त जानकारी की जांच की जाएगी।
JPSC के सभी सदस्यों को नोटिस दिए जाने और उनसे पूछताछ किए जाने की भी जानकारी दी गई।
परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी
JPSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने आगामी परीक्षाओं को लेकर प्रस्तावित बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई स्तरों पर बदलाव किए जा रहे हैं।
प्रीलिम्स परीक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है। परीक्षा को अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने और प्रश्नपत्र के चयन को परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले अंतिम रूप देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
मेंस परीक्षा के लिए भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली अपनाने की बात कही गई। इसके लिए विश्वसनीय परीक्षा केंद्रों का चयन किया जाएगा।
स्टूडेंट फैसिलिटेशन सेंटर बनाने की योजना
प्रशांत कुमार ने बताया कि छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए स्टूडेंट फैसिलिटेशन सेंटर बनाने की योजना है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े छात्रों के सवालों और शिकायतों को बेहतर तरीके से सुनना और उनका समाधान करना होगा।
उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, ताकि भविष्य में किसी तरह की अनियमितता की आशंका कम हो।
IIM रांची और XLRI की मदद से परीक्षा सुधार
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए विशेषज्ञ संस्थानों की मदद लेने की भी बात कही है। इसके तहत IIM रांची और XLRI की टीम के साथ मिलकर परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की योजना तैयार की जाएगी।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए तकनीक और विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार ने आंदोलन खत्म करने की अपील की
मंत्री सुदिव्य कुमार ने छात्रों से कहा कि सरकार जब उनकी मांगों पर लगातार बातचीत कर रही है और कई मुद्दों पर निर्णय भी ले चुकी है, तो अब आंदोलन की जगह समाधान का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
हालांकि, छात्र प्रतिनिधियों की ओर से आंदोलन समाप्त करने को लेकर अभी पूरी सहमति नहीं बनी है। बातचीत के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में जांच को लेकर और भी कदम शामिल हैं। एक छात्र प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि वे मामले की CBI जांच की मांग पर कायम हैं।
इस वजह से सरकार की अपील के बावजूद छात्र आंदोलन पूरी तरह समाप्त होने की स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
