Friday, March 27, 2026

Jharkhand हाई कोर्ट ने CM सोरेन की याचिका पर अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को निर्धारित की है.

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Jharkhand हाई कोर्ट में हेमंत सोरेन से जुड़े ईडी समन अवहेलना याचिका और पेसा एक्ट नियमावली लागू करने की मांग पर सुनवाई हुई। अदालत ने सोरेन की याचिका पर अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को निर्धारित की है, क्योंकि सोरेन की ओर से दस्तावेज दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था। पेसा एक्ट नियमावली लागू करने में देरी पर अदालत ने राज्य सरकार को फटकार लगाई और 23 दिसंबर तक शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया

रांची। झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़ी ईडी समन अवहेलना याचिका और पेसा एक्ट नियमावली लागू करने की मांग शामिल है। दोनों मामलों में अदालत ने आगे की तिथियां निर्धारित की हैं।

हेमंत सोरेन की याचिका पर समय मांगा गया

झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े ईडी समन अवहेलना मामले की सुनवाई हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जारी समन की अवहेलना से जुड़े मामले में सोरेन की याचिका पर अदालत ने सुनवाई की। इस याचिका में ईडी की शिकायत और निचली अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती दी गई है।

सुनवाई के दौरान सोरेन की ओर से दस्तावेज दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई। अदालत ने इस मांग को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 निर्धारित की है।

यह मामला कथित भूमि घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है, जिसमें ईडी ने सोरेन पर कई समन की अनदेखी का आरोप लगाया है।

पेसा एक्ट पर अदालत की सख्ती

इसी दिन अदालत में पेसा एक्ट नियमावली लागू करने की मांग को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर भी सुनवाई हुई। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से नियमावली बनाने की समयसीमा नहीं बताने पर नाराजगी जताई। खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि 23 दिसंबर से पहले शपथ पत्र दाखिल कर स्पष्ट करें कि पेसा नियमावली कब तक अधिसूचित की जाएगी।

अदालत ने बालू घाटों और लघु खनिजों के आवंटन पर पहले से लगी रोक को बरकरार रखा। अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी, जिसमें पंचायती राज विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।

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