रांची: झारखंड सरकार ने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार के पास रहे विभागों का नया आवंटन कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संभालेंगे।
इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की ओर से 18 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी की गई। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
सुदिव्य कुमार के निधन के बाद रिक्त थे विभाग
सुदिव्य कुमार का 6 सितंबर 2026 को निधन हो गया था। वह झारखंड सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के साथ नगर विकास एवं आवास तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके निधन के बाद ये विभाग मंत्री स्तर पर रिक्त हो गए थे। उनके निधन की पुष्टि के बाद राज्य सरकार ने दो दिन के राजकीय शोक की भी घोषणा की थी।
सुदिव्य कुमार गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। वह 2019 में पहली बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।
मुख्यमंत्री संभालेंगे तीनों विभाग
नई व्यवस्था के तहत अब इन तीनों विभागों का प्रभार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास रहेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय की मौजूदा जानकारी में भी हेमंत सोरेन के पास नगर विकास एवं आवास समेत कई विभागों की जिम्मेदारी दर्ज है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि पहले की अधिसूचनाओं के जरिए अन्य मंत्रियों को दिए गए विभागों का कामकाज पहले की तरह जारी रहेगा।
कार्यपालिका नियमावली के तहत हुआ आवंटन
अधिसूचना में विभागों के नए आवंटन के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 166(3) और झारखंड कार्यपालिका नियमावली, 2000 के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।
सरकार के अनुसार, नियमावली के नियम 6(1) के तहत मुख्यमंत्री को विभागों के आवंटन की व्यवस्था है। इसी प्रावधान के आधार पर सुदिव्य कुमार के पास रहे विभागों की नई जिम्मेदारी तय की गई है।
पहले भी मुख्यमंत्री को मिली थी मंत्री के विभाग की जिम्मेदारी
झारखंड में मंत्री के निधन के बाद उनके विभागों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को सौंपे जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले अगस्त 2025 में तत्कालीन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद उनके विभाग की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी गई थी।
नई व्यवस्था के बाद नगर विकास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन-कला-संस्कृति-खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग का संचालन अब मुख्यमंत्री स्तर से होगा।
