Friday, August 21, 2026

Jharkhand 108 Ambulance: बाबूलाल मरांडी ने वित्तीय गड़बड़ी का लगाया आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग.

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Ranchi News: झारखंड की 108 एंबुलेंस सेवा को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। मरांडी ने आरोपों की जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

543 एंबुलेंस के संचालन का दावा

बाबूलाल मरांडी के अनुसार, झारखंड में कुल 543 एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। इनमें से 500 एंबुलेंस के संचालन की जिम्मेदारी 5 फरवरी 2025 से पटना स्थित सम्मान फाउंडेशन को दी गई है।

उन्होंने दावा किया कि कई जिलों में करीब 80 एंबुलेंस लंबे समय से खराब स्थिति में हैं। इसके बावजूद इन वाहनों के संचालन के लिए भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है।

80 खराब एंबुलेंस पर भुगतान का आरोप

मरांडी ने अपने पत्र में कहा है कि प्रत्येक एंबुलेंस के लिए लगभग 93 हजार रुपये प्रति माह की दर से भुगतान किया जा रहा है। उनके मुताबिक, जिन करीब 80 एंबुलेंस के लंबे समय तक खराब रहने का दावा किया गया है, उनका कुल 618 वाहन-माह का हिसाब बनता है।

पत्र में इस आधार पर करीब 5.74 करोड़ रुपये के कथित भुगतान पर सवाल उठाया गया है। हालांकि, ये आंकड़े नेता प्रतिपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

PF और ESI भुगतान को लेकर भी सवाल

बाबूलाल मरांडी ने एंबुलेंस सेवा में काम करने वाले कर्मचारियों के PF और ESI से जुड़े भुगतान को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

उनका आरोप है कि फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच कर्मचारियों से संबंधित करीब 7.12 करोड़ रुपये की PF और ESI राशि जमा नहीं की गई। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी का भी दावा किया है।

वेतन और ओवरटाइम भुगतान लंबित होने का आरोप

पत्र में कर्मचारियों के फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक के वेतन को लेकर भी सवाल उठाया गया है। मरांडी के मुताबिक, कर्मचारियों को वेतन और ओवरटाइम का भुगतान करने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन कथित तौर पर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों और राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा दोनों पर असर पड़ने की संभावना है।

जांच और कार्रवाई की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जल्द जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कथित तौर पर गलत या अतिरिक्त भुगतान की जांच कर राशि की वसूली करने की बात कही है।

इसके अलावा मरांडी ने संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर उसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी की है। उन्होंने कथित अनियमितताओं में विभागीय अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग रखी है।

जांच के बाद साफ होगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल 108 एंबुलेंस सेवा से संबंधित लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक जांच या संबंधित एजेंसी की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी। इसलिए भुगतान, PF-ESI और कर्मचारियों के वेतन से जुड़े आंकड़ों को फिलहाल आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि प्रमाणित वित्तीय अनियमितता के रूप में।

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