नई दिल्ली: भारतीय रेलवे अपने ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म IRCTC का नया और अपग्रेडेड बीटा वर्जन आज रात 9 बजे से उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराने जा रहा है। नई वेबसाइट का उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक सरल, तेज और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है। बीटा चरण के दौरान यात्रियों से वेबसाइट के फीचर्स और उपयोग अनुभव को लेकर सुझाव भी लिए जाएंगे, ताकि अंतिम संस्करण को और बेहतर बनाया जा सके।
क्यों लाया जा रहा है नया प्लेटफॉर्म?
IRCTC की मौजूदा वेबसाइट वर्ष 2002 से संचालित हो रही है और आज यह देश के सबसे व्यस्त ऑनलाइन टिकटिंग पोर्टलों में शामिल है। प्रतिदिन लाखों यात्री इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से ट्रेन टिकट बुक करते हैं। बढ़ते ट्रैफिक और बेहतर डिजिटल अनुभव की जरूरत को देखते हुए रेलवे ने वेबसाइट को आधुनिक स्वरूप देने का फैसला किया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले महीने जयपुर स्थित मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के दौरे के दौरान नई वेबसाइट को जुलाई में लॉन्च करने की जानकारी दी थी।
नई वेबसाइट में क्या होंगे प्रमुख बदलाव?
बीटा संस्करण में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इनमें प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं—
- टिकट बुकिंग के दौरान अनावश्यक कैप्चा, पॉप-अप और ध्यान भटकाने वाले ग्राफिक्स को काफी हद तक कम किया गया है।
- अब एक ही स्क्रीन पर विभिन्न श्रेणियों (क्लास) में सीटों की उपलब्धता देखी जा सकेगी।
- टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक तेज और आसान बनाया गया है तथा आवश्यक चरणों की संख्या घटाई गई है।
- यात्रियों की जानकारी सुरक्षित रहेगी, जिससे बार-बार विवरण दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी।
तत्काल टिकट बुकिंग होगी अधिक सुगम
रेलवे के अनुसार, नए प्लेटफॉर्म को इस क्षमता के साथ विकसित किया गया है कि यह प्रति मिनट लगभग 1.5 लाख टिकट बुकिंग अनुरोध संभाल सके। इससे विशेष रूप से तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान सर्वर पर पड़ने वाला दबाव कम होगा और उपयोगकर्ताओं को पहले की तुलना में अधिक सहज अनुभव मिलने की उम्मीद है।
आगे होगा PRS सिस्टम से एकीकरण
नई बीटा वेबसाइट को https://www.irctc.co.in/eticket/ के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। इसका लिंक मौजूदा IRCTC वेबसाइट के होमपेज पर भी उपलब्ध कराया गया है। रेलवे ने बताया है कि आने वाले समय में इस नए पोर्टल को पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के साथ पूरी तरह एकीकृत किया जाएगा। रिजर्वेशन इंजन के अपग्रेड होने के बाद नया पोर्टल सभी सुविधाओं के साथ पूर्ण रूप से कार्य करने लगेगा।


