Monday, October 5, 2026

IPS प्रशांत आनंद की JP पर नई किताब, ‘जय प्रकाश है नाम’ का 11 अक्टूबर को होगा विमोचन.

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रांची: झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी प्रशांत आनंद ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) के जीवन और उनके सर्वोदय दर्शन पर केंद्रित एक नई पुस्तक लिखी है। पुस्तक का नाम ‘जय प्रकाश है नाम’ है। इसका विमोचन 11 अक्टूबर को दिल्ली स्थित लोकनायक पार्क में किया जाएगा।

पुस्तक का विमोचन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय करेंगे। 11 अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण की 125वीं जयंती भी है। ऐसे में पुस्तक के विमोचन के लिए इसी दिन को चुना गया है।

गांधी, विनोबा और जेपी से बचपन से रहा जुड़ाव

प्रशांत आनंद का बचपन भागलपुर गांधी आश्रम के माहौल में बीता। उनके अनुसार बचपन से ही उन्हें महात्मा गांधी, विनोबा भावे और जयप्रकाश नारायण के जीवन एवं विचारों के बारे में सुनने का अवसर मिला। बाद में जेपी के विचारों और जीवन दर्शन ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।

इसी पृष्ठभूमि ने उन्हें लोकनायक के जीवन पर अलग दृष्टिकोण से लिखने के लिए प्रेरित किया। पुस्तक में जेपी के राजनीतिक जीवन के साथ उनके सर्वोदय विचारों की भी चर्चा की गई है।

जेपी को गांधी के राजनीतिक विचारों का उत्तराधिकारी मानते हैं लेखक

प्रशांत आनंद के अनुसार महात्मा गांधी के व्यक्तित्व में आध्यात्मिक और राजनीतिक, दोनों पहलू थे। उनके विचार में गांधी के आध्यात्मिक चिंतन की परंपरा को विनोबा भावे ने आगे बढ़ाया, जबकि गांधी के राजनीतिक दर्शन को जयप्रकाश नारायण ने अपने तरीके से आगे बढ़ाया।

उन्होंने गांधी के वर्ग सहयोग के विचार और उस दौर में प्रभावी मार्क्सवादी वर्ग संघर्ष की विचारधारा का भी संदर्भ दिया। उनके अनुसार जेपी ने गांधी के विचारों से प्रभावित होकर समाज में सहयोग और परिवर्तन की दिशा को महत्व दिया।

जेपी आंदोलन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह आंदोलन उस समय सामने आया, जब जयप्रकाश नारायण सक्रिय राजनीति से अलग हो चुके थे। उनके लिए पद से अधिक व्यापक सामाजिक भूमिका महत्वपूर्ण रही।

पुलिस सेवा को बताया जिम्मेदारी

प्रशांत आनंद 2013 बैच के झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह हटिया एएसपी, जमशेदपुर सिटी एसपी और लातेहार एसपी के पद पर काम कर चुके हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में भी सेवाएं दीं। अब वह झारखंड लौट चुके हैं।

पुलिस सेवा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान किए गए अभियानों को वह व्यक्तिगत उपलब्धि के तौर पर नहीं देखते। उनके अनुसार किसी बड़े उद्देश्य में अपनी भूमिका निभाना अधिक महत्वपूर्ण है।

NIA में दिनेश गोप की गिरफ्तारी में रहे शामिल

NIA में तैनाती के दौरान प्रशांत आनंद वर्ष 2023 में झारखंड के प्रतिबंधित संगठन PLFI के प्रमुख दिनेश गोप की नेपाल से गिरफ्तारी की कार्रवाई में शामिल रहे थे। इसके अलावा कोल्हान क्षेत्र के अपराधी अखिलेश सिंह की गिरफ्तारी से जुड़े अभियान में भी उनकी भूमिका रही।

प्रशांत आनंद इससे पहले प्राचीन भारत के शासकों और नेतृत्व पर केंद्रित ‘राज कौशल’ और ‘Rules to Rule’ जैसी पुस्तकें भी लिख चुके हैं। अब उनकी नई पुस्तक जयप्रकाश नारायण के विचारों और जीवन दर्शन को केंद्र में रखती है।

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