मुंबई: IPL की सबसे सफल टीम, मुंबई इंडियंस, अपनी रणनीति के लिए जानी जाती है. इसलिए उनके नाम अभी तक पांच IPL ट्रॉफियां हैं. हालांकि, IPL 2026 मुंबई इंडियंस के लिए अब तक अच्छा नहीं रहा है. वो 8 मैच में से केवल दो मैच जीतकर अंक तालिका में 9वें स्थान पर हैं. अगर ये टीम ऐसा ही प्रदर्शन करती रही तो यह IPL के इतिहास में मुंबई इंडियंस के लिए सबसे खराब सीजन साबित हो सकता है.
बुधवार, 29 अप्रैल को मुंबई इंडियंस लीग चरण के अपने आठवें मैच के लिए मैदान पर उतरी. जहां उसे सनराइजर्स हैदराबाद से करारी हार का सामना करना पड़ा. मुंबई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और 243 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. लेकिन हैदराबाद ने उस लक्ष्य को 8 गेंद शेष रहते ही सफलतापूर्वक हासिल कर लिया.
IPL इतिहास का सबसे बड़ा ब्लंडर
मैच में हैरानी की बात यह रही कि मुंबई ने जिस खिलाड़ी को ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर मैदान पर उतारा, उसका इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं किया. जिसकी वजह से मुंबई इंडियन की सोच और हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर सवाल उठने लगे.
शार्दुल ठाकुर इम्पैक्ट प्लेयर
दरअसल, इस मैच में मुंबई इंडियंस ने पांच खिलाड़ी – मयंक रावत, रघु शर्मा, शार्दुल ठाकुर, कृष भगत और राज बावा – को इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट के तौर पर नामांकित किया था. जब मुंबई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की तो उन्हें किसी इम्पैक्ट प्लेयर की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि उनके टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों ने ही टीम के स्कोर को 243 तक पहुंचा दिया. लेकिन जबकि उनकी गेंदबाजी का समय आया तो एमआई ने ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को आठवें ओवर की शुरुआत में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर मैदान मे उतार दिया.
उन्होंने रॉबिन मिंज की जगह प्लेइंग-11 में शामिल किया गया. उस समय सनराइजर्स हैदराबाद ने बिना कोई विकेट खोए 126 रन बना लिए थे. इसलिए उम्मीद थी कि कप्तान हार्दिक पांड्या जल्द ही अपने इम्पैक्ट प्लेयर का इस्तेमाल करेंगे, लेकिन शार्दुल ठाकुर को मैच खत्म होने तक एक भी गेंद फेंक का मौका नहीं मिला, जिसके साथ IPL इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बन गया.
IPL के इतिहास में पहली बार
IPL के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि किसी टीम ने ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ को मैदान में तो उतारा लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं किया. इस तरह, शार्दुल ठाकुर पहले ऐसे ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ बन गए, जिन्होंने न तो गेंदबाजी की और न ही बल्लेबाजी.
हार्दिक की कप्तानी पर सवाल
यह ध्यान देने वाली बात है कि IPL मैचों में ‘इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट’ (Impact Substitute) की भूमिका बेहद अहम होती है. ऐसे खिलाड़ी अक्सर अपनी टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन अब यह सवाल उठ रहा है कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में उपलब्ध होने के बावजूद हार्दिक पांड्या ने ‘इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट’ का इस्तेमाल क्यों नहीं किया? क्या ये मुंबई इंडियंस की रणनीतिक चूक थी या फिर कप्तान हार्दिक की सेन्सलेस कप्तानी.


