इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 18वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच 11 अप्रैल को एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया. CSK ने 212 रन बनाने के बाद दिल्ली को 189 रनों पर ही समेट दिया. जिससे वो इस सीजन लगातार तीन हार के बाद अपनी पहली जीत दर्ज करने में सफल हो गए. लेकिन इस मैच में दो बड़े खिलाड़ियों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया.
CSK कप्तान पर 12 लाख का जुर्माना
रुतुराज गायकवाड़ को मैच में धीमी ओवर-रेट के उल्लंघन के लिए सजा मिली. दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच के दौरान उनकी टीम की ओवर-रेट धीमी रहने पर उन पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. IPL के बयान में कहा गया, ‘चूंकि IPL की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत यह इस सीजन में उनकी टीम का पहला उल्लंघन था, इसलिए गायकवाड़ पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.’ इससे पहले गिल और अय्यर पर भी स्लो ओवर रेट के लिए जुर्माना लगाया जा चुका है.
बेंच पर बैठे खिलाड़ी पर भी लगा जुर्माना
मैच में रुतुराज गायकवाड़ के अलावा एक ऐसे खिलाड़ी पर भी भारी जुर्माना लगाया गया, जो प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं था. वो खिलाड़ी दिल्ली के नीतीश राणा हैं. उन पर अंपायरों के साथ तीखी बहस के कारण मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया, और साथ में एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया. नीतीश को यह सजा तब दी गई जब उनको 19वें ओवर में चौथे अंपायर के साथ तीखी बहस करने का दोषी पाया गया. नीतीश ने अपनी गलती मान ली और मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा स्वीकार भी कर ली.

IPL के बयान में कहा गया, ‘दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज नीतीश राणा पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और खिलाड़ियों के लिए IPL की आचार संहिता के लेवल 1 का उल्लंघन करने के लिए उन्हें 1 डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया है.’
बयान में आगे कहा गया, ‘राणा को IPL की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.3 का उल्लंघन करते पाया गया, जो ‘मैच के दौरान जोर से अपशब्दों का इस्तेमाल करने’ से संबंधित है.’
राणा की यह प्रतिक्रिया तब आई जब भावनाएं उफान पर थीं, क्योंकि DC एक बड़े स्कोर का पीछा कर रही थी और ट्रिस्टन स्टब्स अपनी शानदार पारी से टीम के लिए संघर्ष कर रहे थे.
नीतीश राणा की अंपायरों से बहस क्यों हुई?
यह विवादित पल स्टब्स से जुड़े एक फैसले के दौरान आया, स्टब्स ओवर के बीच में अपने ग्लव्स बदलना चाहते थे, क्योंकि उमस भरे मौसम के कारण बल्ले पर उनकी पकड़ कमजोर पड़ रही थी. अंपायरों ने इस दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज के अनुरोध को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि नियमों के अनुसार ओवर के बीच में खेल के सामान में बदलाव करने की अनुमति नहीं है.
उस घटना के बाद स्टब्स अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते रहे और जल्द ही आउट हो गए, जिसके परिणामस्वरूप DC लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने में नाकाम रही.
राणा ने DC के मुख्य कोच हेमांग बदानी के साथ मिलकर चौथे अंपायर से बाउंड्री लाइन पर संपर्क किया और तर्क दिया कि अतीत में अधिकारियों द्वारा ऐसे अनुरोध स्वीकार किए जाते रहे हैं. हालांकि, अंपायर अपने फैसले पर अडिग रहे.
नियम क्या कहते हैं?
IPL के नियमों के अनुसार, बल्लेबाजों से यह उम्मीद की जाती है कि जब गेंदबाज गेंद डालने के लिए तैयार हो, तो वे भी तैयार रहें. किसी भी तरह की देरी होने पर उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है. अगर खेल में रुकावट आती है, तो ओवर के बीच में इक्विपमेंट बदलने की अनुमति नहीं होती है. समय बर्बाद होने से बचाने के लिए, ऐसे अनुरोध केवल तय ब्रेक के दौरान ही स्वीकार किए जाते हैं.


