Monday, March 23, 2026

Invideo और Google Cloud ने मिलकर एआई आधारित 4K फिल्ममेकिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जो प्रोडक्शन से पोस्ट-प्रोडक्शन तक समाधान देगा.

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एआई बेस्ड वीडियो क्रिएशन प्लेटफॉर्म Invideo ने 16 फरवरी को गूगल क्लाउड के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की घोषणा की है. इस नई डील के तहत कंपनी ने एंटरप्राइज स्तर के ऐसे फिल्मेकिंग वर्कफ्लो पेश किए हैं, जो लंबी और सिनेमाई फिल्ममेकिंग को आसान बनाएंगे. इसका मकसद फिल्म मेकर्स और स्टूडियो को प्री-प्रोडक्शन से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी सुविधा देना है.

Invideo ने पहली बार अक्टूबर 2025 में Google Cloud के साथ हाथ मिलाया था. उस वक्त गूगल के जनरेटिव एआई मॉडल जैसे Gemini, Imagen और Veo 3 को प्लेटफॉर्म में जोड़ा गया था. अब इस साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए Invideo ने गूगल क्लाउड की पूरी एआई टेक्नोलॉजी स्टैक को अपने क्रिएटिव इंटरफेस के साथ इंटीग्रेट किया है.

इसमें TPU और GPU चिप्स का इस्तेमाल मॉडल ट्रेनिंग और सर्विंग के लिए किया जाएगा. इसके साथ ही गूगल के जनरेटिव मीडिया मॉडल्स का उपयोग कर मीडिया स्टूडियो, प्रोडक्शन हाउस, एड एजेंसियों और ब्रॉडकास्ट नेटवर्क्स को स्टूडियो-ग्रेड प्रोडक्शन की सुविधा दी जाएगी. Invideo के सीईओ संकेट शाह ने कहा कि उनका प्लेटफॉर्म पहले ही 3 करोड़ से ज्यादा क्रिएटर्स को सर्विस दे रहा है. अब कंपनी का फोकस भविष्य की फिल्ममेकिंग पर है, जहां पर वो सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर नहीं बल्कि फिल्म निर्माताओं की रियल हेल्पर बनना चाहती है. उनके अनुसार, गूगल क्लाउड के साथ मिलकर तैयार की जा रही एंड-टू-एंड एआई पाइपलाइन फिल्म मेकर को उनकी कल्पना को पर्दे पर लाने में मदद करेगा और इन्वेस्टमेंट को भी बैलेंस करेगा.

टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से बना सकेंगे 4K सिनेमाई विजुअल

नई एंटरप्राइज पेशकश के तहत Google के Veo और Imagen मॉडल की मदद से 4K क्वालिटी के सिनेमाई विजुअल सिर्फ टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के जरिए तैयार किए जा सकेंगे. इससे निर्देशक शूटिंग से पहले ही लाइटिंग, ब्लॉकिंग और सीन की स्पीड को रियल टाइम में आज़मा सकेंगे. Gemini मॉडल सीन एनालिसिस और नैरेटिव कंटीन्यूटी बनाए रखने में मदद करेगा, ताकि कहानी की शुरुआत से अंत तक एक-जैसा फ्लो बना रहे.

इसके अलावा, क्रिएटर्स म्यूज़िक स्कोर और वॉइस परफॉर्मेंस भी एआई की मदद से जनरेट कर सकेंगे, जो विजुअल के साथ तालमेल में होंगी. यह फीचर किसी सीन की भावनात्मक गहराई को तुरंत परखने में मदद करेगा. प्रोडक्शन हाउस भावनात्मक गहराई को तुरंत परखने में मदद करेगा, अलग-अलग भाषाओं में डायलॉग को लोकलाइज़ भी कर सकेंगे.

India AI Film Festival में दिखाई जाएगी क्षमता

Invideo इन नई क्षमताओं को 17 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाले India AI Film Festival में पेश करेगा, जो AI Impact Summit के साथ आयोजित किया जा रहा है. कंपनी ने यह भी बताया कि वह गूगल क्लाउड के साथ मिलकर तैयार अपने एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म के जरिए भारत की प्रमुख प्रोडक्शन कंपनियों के साथ तीन फीचर फिल्मों की घोषणा करेगी.

सुरक्षा और कॉपीराइट को लेकर भी खास इंतजाम किए गए हैं. हर जनरेटेड एसेट में SynthID के जरिए अदृश्य वॉटरमार्क (Invisible Watermark) जोड़ा जाएगा, ताकि कंटेंट की प्रामाणिकता बनी रहे. इसके साथ ही मल्टी-लेयर सेफ्टी फिल्टर और कॉपीराइट इंडेम्निटी भी दी जाएगी, जिससे थर्ड-पार्टी के आईपी क्लेम से सुरक्षा मिलेगी. गूगल क्लाउड इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर साशी श्रीधरन ने कहा कि फिल्ममेकिंग हमेशा बदलती रही है और अब एआई एक नया अध्याय खोल रही है. उनके मुताबिक, यह पार्टनरशिप स्टूडियो को टेक्निकल लिमिटेशन्स से आगे बढ़कर नई संभावनाओं की तलाश करने का मौका देगी. भारत में तेजी से बढ़ते क्लाउड मार्केट में यह कदम गूगल को Microsoft और Amazon जैसे अन्य टेक दिग्गजों के साथ कंप्टीशन करने में मदद करेगा.

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