पटना: विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में बिहार के स्कूली छात्रों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार की इंस्पायर अवॉर्ड मानक (Inspire Award Manak) योजना के तहत नए वैज्ञानिक और रचनात्मक विचार भेजने के मामले में बिहार देश के राज्यों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य के कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने मिलकर 86,476 आइडिया प्रस्तुत किए हैं।
जारी रिपोर्ट के अनुसार बिहार ने कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ा है। वहीं जिलों के स्तर पर मुजफ्फरपुर ने 8,623 आइडिया के साथ देशभर में पहला स्थान हासिल किया है।
मुजफ्फरपुर के छात्रों ने बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
इंस्पायर मानक योजना में मुजफ्फरपुर का प्रदर्शन सबसे खास रहा। जिले से कुल 8,623 नए आइडिया भेजे गए, जिसके साथ मुजफ्फरपुर देश के सभी जिलों में शीर्ष पर रहा।
राजस्थान का जयपुर जिला 8,494 आइडिया के साथ दूसरे स्थान पर है। बिहार के चार जिले देश के टॉप-15 जिलों में जगह बनाने में सफल रहे हैं।
बिहार के शीर्ष जिले
- मुजफ्फरपुर: 8,623 आइडिया
- औरंगाबाद: 5,612 आइडिया
- बांका: 5,358 आइडिया
- रोहतास: 5,328 आइडिया
टॉप जिलों की सूची में लखनऊ, झुंझुनूं, बागलकोट, बैंगलोर अर्बन, हनुमानगढ़, सीकर, हरदोई, खेड़ी, पंचमहल और जोधपुर जैसे जिले भी शामिल हैं।
86,476 आइडिया के साथ बिहार तीसरे नंबर पर
इंस्पायर मानक योजना की रिपोर्ट में राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। राजस्थान दूसरे और बिहार तीसरे स्थान पर है।
| राज्य | आइडिया की संख्या | राष्ट्रीय रैंक |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 1,66,499 | 1 |
| राजस्थान | 1,31,289 | 2 |
| बिहार | 86,476 | 3 |
बिहार के प्रदर्शन के मुकाबले कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, तेलंगाना, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों से कम आइडिया सामने आए हैं। दी गई सूची में झारखंड सातवें स्थान पर है।
छात्रों को वैज्ञानिक सोच के लिए प्रोत्साहित करती है योजना
इंस्पायर अवॉर्ड मानक भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की योजना है। इसका उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समस्याओं के नए समाधान खोजने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है।
इस योजना में कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थी हिस्सा ले सकते हैं। स्कूल स्तर पर चुने गए बेहतर विचारों को शिक्षक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आगे भेजते हैं।
चयनित छात्रों को मिलती है 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को अपने विचार का मॉडल या प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए सरकार की ओर से 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके बाद चयनित नवाचारों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने का मौका मिलता है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपने आसपास की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान तलाशने के लिए प्रोत्साहित करना है।
10 अक्टूबर तक भेजे जा सकते हैं नए आइडिया
इंस्पायर मानक योजना में नए विचार भेजने के लिए छात्रों और स्कूलों के पास 10 अक्टूबर तक का समय बताया गया है। ऐसे में बिहार के छात्र आने वाले दिनों में भी अपने नवाचार और वैज्ञानिक विचार इस योजना के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं।
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