Monday, October 12, 2026

IIT (ISM) में 26 युवाओं ने पूरा किया CAD-CAM प्रशिक्षण, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने खर्च किए ₹1.10 करोड़.

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धनबाद, 12 अक्टूबर 2026: झारखंड के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने और उनके लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने पहल की है। इसके तहत IIT (ISM) धनबाद स्थित एसीआईसी फाउंडेशन में 26 युवाओं ने कंप्यूटर-एडेड डिजाइन (CAD) और कंप्यूटर-एडेड मैन्युफैक्चरिंग (CAM) का चार महीने का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले छात्रों को आयोजित समारोह में प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

यह कौशल विकास परियोजना एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से प्रायोजित है। परियोजना के लिए कुल 1.10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक तकनीकी ज्ञान देकर उनकी रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं को मजबूत करना है।

दो बैचों में 60 युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

इस परियोजना के अंतर्गत कुल 60 युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके लिए दो बैच बनाए गए हैं। पहले बैच के 26 छात्र चार महीने का प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं, जबकि दूसरे बैच का प्रशिक्षण जल्द शुरू किए जाने की योजना है।

कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को CAD और CAM जैसी तकनीकी विधाओं का ज्ञान दिया जा रहा है। इन तकनीकों का उपयोग डिजाइन तैयार करने, उत्पादों के डिजिटल मॉडल बनाने और विनिर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं में किया जाता है।

प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त व्यावहारिक अनुभव से छात्रों को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने और रोजगार के अवसर तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीण और वंचित वर्ग के युवाओं को मिलेगा लाभ

प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों की CSR पहल ग्रामीण और वंचित समुदायों के युवाओं तक तकनीकी शिक्षा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच तकनीकी शिक्षा से जुड़ी दूरी कम की जा सकती है। ऐसे प्रयास युवाओं को आजीविका के नए विकल्प उपलब्ध कराने में भी सहायक हो सकते हैं।

किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण जरूरी

कार्यक्रम की अध्यक्षता IIT (ISM) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने की। उन्होंने तकनीकी शिक्षा में किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्रत्यक्ष अनुभव को जरूरी बताया।

उनके अनुसार, तकनीकी कौशल को बेहतर ढंग से समझने और उसका उपयोग करने के लिए वास्तविक परिस्थितियों में अभ्यास का विशेष महत्व है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों को अपने ज्ञान को व्यवहार में लागू करने का अवसर देते हैं।

एसीआईसी फाउंडेशन का समावेशी नवाचार पर जोर

एसीआईसी फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. आकांक्षा सिन्हा ने कहा कि वंचित समुदायों के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने से समावेशी नवाचार को प्रोत्साहन मिलता है।

उन्होंने इस तरह की पहलों को युवाओं की क्षमता विकसित करने और उन्हें तकनीकी क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

समारोह में प्रो. सौम्या सिंह और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सीनियर मैनेजर अविनाश कुमार शुक्ला समेत अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

युवाओं के कौशल विकास की दिशा में अहम पहल

IIT (ISM) धनबाद में संचालित यह परियोजना तकनीकी शिक्षा को व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रयास है। पहले बैच के 26 छात्रों का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब दूसरे बैच की शुरुआत की तैयारी है। पूरी योजना के तहत 60 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाना है।

यदि प्रशिक्षण प्राप्त युवा इन तकनीकी कौशलों का उपयोग रोजगार और स्वरोजगार में कर पाते हैं, तो यह पहल उनके करियर के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

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