आपका दिमाग आपके शरीर का कमांड सेंटर है. अपना सारा काम करने के लिए, आपका ब्रेन एनर्जी के लिए आपके खून में मौजूद शुगर का उपयोग करता है. वास्तव में, ब्रेन सबसे अधिक एनर्जी की मांग करने वाला अंग है. इसे ठीक से काम करने के लिए शरीर की कुल ग्लूकोज एनर्जी का आधा हिस्सा चाहिए होता है. यदि आपका ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल रेंज से बाहर चला जाता है, तो यह आपके कमांड सेंटर (ब्रेन) को असंतुलित कर सकता है.
डायबिटीज ब्रेन हेल्थ को इस प्रकार प्रभावित करता है?
जिस तरह डायबिटीज आपके शरीर के अन्य अंगों की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है, उसी तरह यह आपके मस्तिष्क की नसों को भी नुकसान पहुंचा सकता है. इससे याददाश्त और सीखने की क्षमता में कमी, मूड में बदलाव, वजन बढ़ना और हार्मोनल बदलाव हो सकते हैं. समय के साथ, यह अल्जाइमर रोग जैसी अन्य गंभीर समस्याओं का कारण भी बन सकता है. हाई और लो ब्लड शुगर लेवल, दोनों ही इन नुकसानों का कारण बन सकते हैं. इसलिए डायबिटीज मरीजों के लिए अपने ब्लड शुगर को टार्गेटेड लेवल पर बनाए रखना महत्वपूर्ण है.
हाई ब्लड शुगर के कारण जा सकती है याददाश्त और सोचने की क्षमता
रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र,सीडीसी (.gov) की वेबसाइट के मुताबिक, हाई ब्लड शुगर लेवल (हाइपरग्लाइसीमिया) के बार-बार होने वाले लक्षण दिमाग पर दबाव डाल सकते हैं. हाई ब्लड शुगर लेवल के प्रभाव समय के साथ होते हैं और तुरंत दिखाई नहीं देते. लोगों को अक्सर पता ही नहीं चलता कि उनका मस्तिष्क प्रभावित हो रहा है. समय के साथ, हाई ब्लड शुगर लेवल उन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है जो मस्तिष्क तक ऑक्सीजन युक्त खून पहुंचाती हैं. जब आपके मस्तिष्क को बहुत कम ब्लड मिलता है, तो दिमाग की कोशिकाएं मर सकती हैं. इससे याददाश्त और सोचने की क्षमता संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और अंततः संवहनी मनोभ्रंश (vascular dementia) हो सकता है.
लो ब्लड शुगर बेहद खतरनाक, कोमा में जा सकते हैं आप
वहीं, लो ब्लड शुगर लेवल (हाइपोग्लाइसीमिया) तब होता है जब आपका ब्लड शुगर लेवल 70 mg/dL से नीचे चला जाता है. अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है. जब आपके मस्तिष्क को पर्याप्त ग्लूकोज नहीं मिलती, तो उसे पर्याप्त ऑक्सीजन भी नहीं मिलती. और हाई ब्लड शुगर के विपरीत, लो ब्लड शुगर के लक्षण अक्सर तुरंत दिखाई देते हैं. लो ब्लड शुगर के लक्षणों में चक्कर आना, कांपना या चिड़चिड़ापन शामिल हो सकता है. आपको चलने या बोलने में परेशानी हो सकती है. गंभीर लो ब्लड शुगर लेवल के कारण आपको बेहोशी आ सकती है या दौरे पड़ सकते हैं. यह आपको कोमा में भी डाल सकता है.
कुछ शोध बताते हैं कि ब्लड शुगर लेवल में भारी गिरावट अवसाद, याददाश्त और ध्यान संबंधी समस्याओं से जुड़ी हो सकती है. अगर आपको इनमें से कोई भी समस्या है और अक्सर आपका ब्लड शुगर कम रहता है, तो अपने डॉक्टर से बात करें, क्योंकि डॉक्टर यह पता लगाने में आपकी मदद कर सकते हैं कि आपका ब्लड शुगर कम क्यों है. जरूरत पड़ने पर आपकी दवा में बदलाव कर सकते हैं और आपको किसी मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता के पास भेज सकते हैं.
ब्रेन हेल्थ को बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है
आप ब्रेन हेल्थ और डायबिटीज से जुड़ी समस्याओं को सुधारने या रोकने के लिए कुछ कदम उठा सकते हैं, जैसे कि…
- हेल्दी डाइट प्लान का पालन करें.
- हेल्दी वेट बनाए रखें.
- अपने ब्लड शुगर को लक्ष्य स्तर पर रखें.
- रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी करें.
- बताई गई दवाएं लें.
- अगर आप स्मोकिंग करते हैं तो बंद कर दें.
- तनाव को नियंत्रित करें.


