Wednesday, March 18, 2026

HDFC बैंक 10 जनवरी 2026 से डेबिट कार्ड लाउंज एक्सेस बदलेगा, ₹10,000 खर्च पर डिजिटल वाउचर अनिवार्य, फिजिकल कार्ड से एंट्री बंद होगी पूरी.

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देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक ने अपने डेबिट कार्ड लाउंज एक्सेस प्रोग्राम में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नया नियम 10 जनवरी 2026 से लागू होगा. इसके बाद एयरपोर्ट लाउंज में एंट्री के लिए केवल फिजिकल डेबिट कार्ड स्वाइप करना मान्य नहीं रहेगा. अब ग्राहकों को डिजिटल वाउचर दिखाना अनिवार्य होगा.

क्या है नया नियम?
अब तक HDFC डेबिट कार्ड धारकों को एक तिमाही में कम से कम ₹5,000 का खर्च करने पर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की सुविधा मिल जाती थी. लेकिन नए सिस्टम में खर्च की यह सीमा बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई है. अब किसी भी कैलेंडर क्वार्टर में ₹10,000 या उससे अधिक खर्च करने वाले ग्राहक ही लाउंज एक्सेस के पात्र होंगे. खर्च की शर्त पूरी होने के दो कार्यदिवस के भीतर ग्राहक को SMS या ईमेल के जरिए वाउचर क्लेम करने का लिंक भेजा जाएगा.

डिजिटल वाउचर से कैसे मिलेगी लाउंज एंट्री?
डिजिटल वाउचर के जरिए लाउंज में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी. ग्राहक को भेजे गए लिंक पर क्लिक करना होगा और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉग-इन करना होगा. इसके बाद OTP वेरिफिकेशन के जरिए वाउचर क्लेम किया जाएगा.

सफल क्लेम के बाद ग्राहक को 12 से 18 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड या QR कोड मिलेगा. इसी कोड को एयरपोर्ट लाउंज पर दिखाकर फ्री एंट्री ली जा सकेगी. 10 जनवरी 2026 के बाद फिजिकल डेबिट कार्ड से लाउंज एंट्री पूरी तरह बंद हो जाएगी.

वाउचर की वैलिडिटी कितनी होगी?
लाउंज वाउचर की वैधता जारी होने की तारीख से अगली तिमाही के अंत तक रहेगी. उदाहरण के लिए, यदि वाउचर 15 नवंबर 2025 को जारी होता है तो वह 31 मार्च 2026 तक वैध रहेगा. वहीं, 10 जनवरी 2026 को जारी वाउचर की वैलिडिटी 30 जून 2026 तक होगी.

कहां-कहां मिलेगी लाउंज सुविधा?
HDFC डेबिट कार्ड धारकों को देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर लाउंज एक्सेस की सुविधा मिलेगी. इनमें बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और नई दिल्ली शामिल हैं. इन एयरपोर्ट्स पर BLR डोमेस्टिक लाउंज, ट्रैवल क्लब लाउंज, एन्काल्म लाउंज और अडाणी लाउंज जैसे नाम शामिल हैं. हालांकि, लाउंज की सूची समय-समय पर बदल सकती है.

ग्राहकों के लिए इस बदलाव का क्या मतलब?
यह बदलाव HDFC बैंक की डिजिटल और ज्यादा नियंत्रित सिस्टम की ओर बढ़ता कदम माना जा रहा है. जहां एक ओर खर्च की न्यूनतम सीमा बढ़ाई गई है, वहीं डिजिटल वाउचर सिस्टम से गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी. जनवरी 2026 से पहले यात्रियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्होंने वाउचर क्लेम कर लिया है, क्योंकि सिर्फ डेबिट कार्ड दिखाने से अब लाउंज में एंट्री नहीं मिलेगी.

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