हजारीबाग: बच्चों में जन्मजात हृदय रोग (CHD) की समय पर पहचान और उपचार के उद्देश्य से हजारीबाग स्थित सदर अस्पताल सह शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SMCH) में विशेष हृदय जांच शिविर आयोजित किया गया। श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की ओर से लगाए गए इस शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
शिविर का उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना था, जिन्हें जन्मजात हृदय संबंधी समस्या है और जिन्हें आगे विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता है। चिन्हित बच्चों का इलाज और ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क किए जाने की व्यवस्था है।
105 बच्चों की इको स्क्रीनिंग, 30 में जन्मजात हृदय रोग
शिविर के दौरान कुल 105 बच्चों की इको स्क्रीनिंग की गई। जांच में 30 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग (CHD) की पुष्टि हुई। इन बच्चों को आगे की चिकित्सा प्रक्रिया और आवश्यक ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, जिले में इससे पहले भी बड़ी संख्या में बच्चों का सफल हृदय उपचार और ऑपरेशन कराया जा चुका है। इस तरह की पहल से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलने के साथ बच्चों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध हो रही है।
प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ डॉक्टर रहे मौजूद
शिविर के दौरान हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती, उप विकास आयुक्त रिया सिंह, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, सदर प्रभारी डॉ. अमरेश कुमार, DEIC मैनेजर जितेंद्र कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
RBSK की ओर से डॉ. मुकेश, डॉ. सरजन मल्हार, डॉ. सुरेंद्र समेत अन्य चिकित्सा पदाधिकारियों ने भी शिविर में सहयोग किया। श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की स्क्रीनिंग टीम ने बच्चों की जांच प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई।
हैदराबाद केंद्र से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. एम. साई गणेश और डॉ. गोनापाली वैष्णवी ने बच्चों की हृदय संबंधी जांच की।
स्क्रीनिंग टीम ने निभाई अहम भूमिका
श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की टीम में निरंजन त्रिपाठी, प्रतिमा उरांव, लक्ष्मी प्रिया, ललिता और निशा ने शिविर के संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
RBSK के चिकित्सा पदाधिकारियों ने बताया कि विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बच्चों की नियमित जांच करती हैं। अस्पताल की विशेषज्ञ टीम के सहयोग से गंभीर हृदय संबंधी मामलों की पहचान और उन्हें आगे उपचार तक पहुंचाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हुई है।
चार केंद्रों पर होगा बच्चों का मुफ्त इलाज
शिविर में चिन्हित बच्चों के इलाज और आवश्यक ऑपरेशन की सुविधा श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के विभिन्न केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें रायपुर (छत्तीसगढ़), कोंडापाका (तेलंगाना), खारघर (नवी मुंबई) और पलवल (हरियाणा) शामिल हैं।
अस्पताल की ओर से इन बच्चों का उपचार पूरी तरह निःशुल्क किए जाने की जानकारी दी गई है।
‘नन्हा सा दिल’ पहल से अब तक 600 से ज्यादा बच्चों का ऑपरेशन
श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की ‘नन्हा सा दिल’ पहल के तहत झारखंड में अब तक 600 से अधिक बच्चों के सफल हृदय ऑपरेशन किए जाने की जानकारी दी गई है।
उपायुक्त हेमंत सती और सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए काफी उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि जन्मजात हृदय रोग की शुरुआती पहचान होने पर बच्चों को समय पर उपचार दिलाना आसान होता है।
अधिकारियों ने ऐसी स्वास्थ्य पहलों को आगे भी विस्तार देने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को समय पर जांच और आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सके।
