FIFA वर्ल्ड कप 2026 अगले महीने में 11 जून से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में शुरू होने वाला है. फाइनल मैच 19 जुलाई को खेला जाएगा. फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट के शुरू होने में अब सिर्फ 32 दिन बाकी हैं, लेकिन अभी तक ये तय नहीं हो सका है कि भारत में FIFA वर्ल्ड कप 2026 के मैचों का लाइव प्रसारण किस प्लेटफार्म पर होगा.
इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि फीफा अब तक भारत में टूर्नामेंट के ब्रॉडकास्ट राइट्स तय नहीं कर सका है. भारत के अलावा चीन में भी ये संकट है. जिसकी वजह से दुनिया के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों के फैंस को अभी तक ये पता ही नहीं चल पा रहा है कि वो फीफा वर्ल्ड कप के मैच देख पाएंगे भी या नहीं.
रिलायंस-डिज्नी डील से क्यों हटा पीछे?
हाल ही में भारत में रिलायंस-डिज्नी फीफा के भारी ब्रॉडकास्टर्स राइट को लेने से पीछे हट गया. दरअसल FIFA 2026 और 2030, दोनों टूर्नामेंट के पैकेज के लिए 100 मिलियन डॉलर की उम्मीद कर रहा था. हालांकि, रिलायंस-डिज्नी ने कथित तौर पर सिर्फ 20 मिलियन डॉलर के आसपास का ऑफर दिया, जिसे फीफा ने ठुकरा दिया. जिसकी वजह से फीफा को भारत में टूर्नामेंट के लिए अभी तक कोई ब्रॉडकास्टर नहीं मिल सका है.
आखिरकार FIFA ने अपनी मांगी गई कीमत घटाकर 35 मिलियन डॉलर कर दी, लेकिन ब्रॉडकास्टर्स इतनी बड़ी रकम चुकाने के लिए भी तैयार नहीं है. इसकी सबसे बड़ी वजह टूर्नामेंट के समय को लेकर है. क्योंकि वर्ल्ड कप के कई मैच भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से सुबह 7:00 बजे के बीच खेले जाएंगे, जिससे भारत में दर्शकों की संख्या कम हो सकती है.
चीन में भी नहीं मिला कोई ब्रॉडकास्टर
ऐसा ही मामला चीन के साथ भी फसा हुआ है. फीफा को चीन में भी भारी रकम की वजह से कोई ब्रॉडकास्टर नहीं मिल रहा है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि फीफा ने चीन से करीब 300 मिलियन डॉलर की मांग की थी, जबकि चीन का सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV सिर्फ 80 मिलियन डॉलर देने को तैयार था. लेकिन बाद में बातचीत के जरिए ये डील 120 से 150 मिलियन डॉलर के बीच पहुंची, जिस पर भी अभी तक सहमति नहीं बन सकी है.
चीन में भी मैच के समय को लेकर ब्रॉडकास्टर को चिंता है. क्योंकि टूर्नामेंट के मैच चीन में सुबह तीन बजे प्रसारित होंगे. जिसकी वजह से उनको डर है कि दर्शकों के संख्या कम होगी, जिसकी वजह से वो इस टूर्नामेंट में ज्यादा निवेश करने के लिए तैयार नहीं हो रही हैं.
फीफा ने अपनी मांग में की भारी कटौती
अब ये रिपोर्ट्स सामने आ रही है कि फीफा अपनी मांग में भारी कटौती करने को तैयार हो गया है और वो मीडिया राइट्स की रकम में 50 प्रतिशत से भी ज्यादा कटौती कर सकता है. ताकि मई के आखिर तक ये डील हो सके. बता दें कि भारत और चीन दो बड़े बजारा है. रॉयटर्स के अनुसार 2022 वर्ल्ड कप में डिजिटल स्ट्रीमिंग में दोनों देशों का संयुक्त योगदान 22.6 प्रतिशत था, जिसकी वजह से फीफा इस बड़े बाजार को किसी भी कीमत में खोना नहीं चाहता.
भारत में FIFA का टेलीकास्ट कौन कर सकता है?
इस इवेंट के टेलीकास्ट को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच, भारतीय फुटबॉल फैंस के मन में ब्रॉडकास्ट से जुड़े कई सवाल हो सकते हैं. ऐसी संभावना है कि कोई और कंपनी आगे आकर इस मीडिया राइट्स को संभालेगी और देर से ही सही, लेकिन कोई डील जरूर होगी.
भारत में वर्ल्ड कप के प्रसारण के लिए FIFA इन विकल्पों पर विचार कर सकता है:
रिलायंस-डिज्नी: शुरुआती डील फेल होने के बावजूद, वे अभी फीफा के साथ डील करने के लिए सबसे आगे हैं. उम्मीद है कि दोनों पक्ष किसी बीच की रकम पर सहमत हो जाएंगे और वो कोई ना कोई डील पक्की कर लेगा.
दूरदर्शन: भारत का सरकारी चैनल भी इस दौड़ में शामिल हो सकते हैं – खासकर सेमी-फाइनल और फाइनल जैसे बड़े मैचों के लिए.
सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क: वे भी किसी न किसी समय बातचीत में शामिल रहे हैं, लेकिन ज्यादा लागत और अनिश्चित रिटर्न को देखते हुए, किसी ने भी ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है.
FIFA+: अगर कोई भी पारंपरिक ब्रॉडकास्टर डील साइन नहीं करता है, तो FIFA लाइव प्रसारण के लिए अपने खुद के ब्रॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म का सहारा ले सकता है.
यूट्यूब: FIFA ने पहले ही यहां स्ट्रीमिंग पार्टनरशिप शुरू कर दी है, इसलिए कुछ चुनिंदा मैचों को YouTube पर भी स्ट्रीम किया जा सकता है.


