Wednesday, July 29, 2026

DSPMU में छात्रसंघ चुनाव को लेकर सकारात्मक संकेत, 3-4 माह में प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद.

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रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) से जुड़े विभिन्न छात्रहित के मुद्दों को लेकर आदिवासी छात्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की ने किया, जबकि सीमा मुर्मू सहित अन्य सदस्य भी बैठक में मौजूद रहे। इस दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक चुनौतियों से संबंधित मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से कई समस्याएं बनी हुई हैं, जिनका असर छात्रों की पढ़ाई, शोध कार्य और समग्र शैक्षणिक माहौल पर पड़ रहा है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी प्रशासन और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण मांगें भी रखी गईं। इनमें कुड़ुख (उरांव), संथाली, नागपुरी और अन्य झारखंडी जनजातीय भाषाओं से जुड़े विभागों के साथ बीबीए, एमबीए, कंप्यूटर साइंस और कॉमर्स पाठ्यक्रमों में सीटों की कटौती वापस लेने की मांग शामिल रही। इसके अलावा शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करने, कथित गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल शिक्षकों की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों पर दर्ज मामलों की समीक्षा, AICTE से संबंधित पाठ्यक्रमों की मान्यता प्रक्रिया पूरी करने तथा विश्वविद्यालय में “एक व्यक्ति-एक पद” का सिद्धांत लागू करने की भी मांग की गई।

प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर विभाग आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अगले तीन से चार महीनों के भीतर DSPMU में छात्रसंघ चुनाव कराने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जारी है और इसे जल्द पूरा करने के लिए विभाग काम कर रहा है। साथ ही अन्य लंबित मामलों पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन और विभाग स्तर पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के बाद विवेक तिर्की ने कहा कि आदिवासी छात्र संघ भविष्य में भी विद्यार्थियों के अधिकारों, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन की मांग को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उठाता रहेगा।

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