Wednesday, November 4, 2026

E20 पेट्रोल से घट सकती है भारत की तेल आयात निर्भरता, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा: ONGC.

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अहमदाबाद: भारत में पेट्रोल के साथ 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण यानी E20 ईंधन को बढ़ावा देने से कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के डायरेक्टर ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि E20 का प्रभावी और सुचारु क्रियान्वयन भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।

उन्होंने यह बात अहमदाबाद स्थित ONGC Institute of Reservoir Studies में आयोजित India Energy Week (IEW) 2027 के कर्टेन-रेजर कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम का वर्चुअल कनेक्शन कोलकाता में आयोजित मुख्य कर्टेन-रेजर समारोह से भी था।

करीब 90% कच्चा तेल आयात करता है भारत

ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 90 फीसदी हिस्सा आयात करता है। ऐसे में पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग को उपभोक्ताओं के लिए बिना तकनीकी परेशानी के लागू किया जा सके तो इससे आयातित कच्चे तेल की आवश्यकता में कमी आ सकती है।

उनके मुताबिक, इससे देश के आयात बिल पर भी असर पड़ेगा और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

E20 को लागू करना बड़ी चुनौती, तकनीक से समाधान की उम्मीद

ONGC अधिकारी ने माना कि पूरे देश में E20 ईंधन का सुचारु इस्तेमाल सुनिश्चित करना आसान नहीं है। इसके लिए वाहनों, ईंधन आपूर्ति और तकनीकी जरूरतों से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना होगा।

उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार और आधुनिक समाधानों के जरिए इन चुनौतियों से निपटने की कोशिश की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।

पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर जोर

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच सिन्हा ने ऊर्जा आपूर्ति के लिए कई विकल्प तैयार रखने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भारत को किसी एक ईंधन या सप्लाई रूट पर अत्यधिक निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक रास्तों और स्रोतों को विकसित करना चाहिए। उनका कहना था कि किसी एक मार्ग में व्यवधान आने की स्थिति में वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था तैयार रहनी चाहिए, ताकि देश की ऊर्जा जरूरतों पर असर कम से कम हो।

घरेलू तेल-गैस उत्पादन बढ़ाने पर ONGC का फोकस

सिन्हा ने बताया कि ONGC घरेलू स्तर पर तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने के लिए नए क्षेत्रों की खोज पर भी जोर दे रही है। कंपनी कम खोजे गए और फ्रंटियर क्षेत्रों के साथ-साथ डीप-सी यानी गहरे समुद्री क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ा रही है।

इसका उद्देश्य घरेलू ऊर्जा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए आयात पर निर्भरता को धीरे-धीरे कम करना है।

जनवरी 2027 में कोलकाता में होगा India Energy Week

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि India Energy Week 2027 का आयोजन 28 से 31 जनवरी 2027 तक कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में प्रस्तावित है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (FIPI) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और कंपनियों के शामिल होने की उम्मीद है।

आयोजन में ऊर्जा सुरक्षा, सस्टेनेबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, पेट्रोकेमिकल्स और नेट-जीरो तकनीकों जैसे विषयों पर चर्चा और प्रदर्शन पर जोर रहेगा। आयोजकों के मुताबिक, इसमें 75,000 से अधिक ऊर्जा विशेषज्ञ और 700 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों के शामिल होने का लक्ष्य है।

BharatSuperFastNews | बिजनेस डेस्क

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