रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में गुरुवार को ‘कोड जैम 2026’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रविंद्र नाथ टैगोर सभागार में आयोजित इस तकनीकी कार्यक्रम में BCA, B.Sc. IT, MCA और B.Sc. Electronics के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता का आयोजन ‘कोडर्स हब DSPMU’ ने बीसीए विभाग के मार्गदर्शन में किया। कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर के संबोधन से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ अनुशासन को भी सफलता के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि प्रोग्रामिंग में छोटी सी गलती भी पूरे कोड को प्रभावित कर सकती है, उसी तरह जीवन में अनुशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है।
कुलपति ने विद्यार्थियों की तकनीकी प्रतिभा और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा प्रतिस्पर्धी माहौल में सिर्फ काम पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बेहतर गुणवत्ता के साथ काम करना भी जरूरी है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए ऐसे आयोजनों को बढ़ावा दे रहा है।
तीन चरणों में हुई प्रतियोगिता
‘कोड जैम 2026’ को तीन चरणों में आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की कोडिंग, समस्या समाधान, टीमवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी क्षमताओं को परखा गया।
प्रतियोगिता के प्रमुख चरणों में डीबगिंग चैलेंज, एआई इमेज जेनरेशन और डीएसए शोडाउन शामिल रहे। प्रतिभागियों ने विभिन्न चुनौतियों में अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया।
अनस आलम ने हासिल किया पहला स्थान
प्रतियोगिता में अनस आलम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मनीष कुमार गंजू दूसरे और युवराज सिंह तीसरे स्थान पर रहे। विजेताओं को कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर और को-ऑर्डिनेटर डॉ. नमिता लाल ने ‘सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस’ देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी ने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान लगातार बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। बीसीए विभाग की समन्वयक डॉ. नमिता लाल और सहायक प्राध्यापक डॉ. सैयद जाफर अब्बास ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया।
समापन अवसर पर डॉ. धर्मराज कुमार ने प्रतिभागियों और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों का आभार जताया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक, अधिकारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
