Thursday, October 22, 2026

Dhanbad News: भौंरा कोलियरी में जलजमाव पर BCCL CMD नाराज, अतिरिक्त पंप लगाकर पानी निकालने का निर्देश.

Share

धनबाद: झरिया कोयलांचल की खदानों में जलजमाव की समस्या को लेकर भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के प्रबंधन ने सख्ती दिखाई है। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को पूर्वी झरिया क्षेत्र की भौंरा नॉर्थ-साउथ कोलियरी की भौंरा सी-टू पैच आउटसोर्सिंग परियोजना और सुदामडीह एएसपी कोलियरी के एक्स पैच का निरीक्षण किया। भौंरा सी-टू पैच के कोयला फेस में बड़े पैमाने पर पानी जमा देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को जल्द जल निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

सीएमडी ने अतिरिक्त पंप लगाने, बिजली की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने और पानी निकालने के काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलजमाव की समस्या दूर करने के लिए आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएं।

एक साल से जलजमाव की समस्या, प्रबंधन से मांगा जवाब

निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने खदान के भीतर पहुंचकर जलजमाव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से जल निकासी के लिए अब तक किए गए प्रयासों और काम की प्रगति की जानकारी मांगी।

अधिकारियों की ओर से बताया गया कि करीब एक साल से पानी निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जलस्तर कम होने के बजाय बढ़ रहा है। इस स्थिति पर सीएमडी ने असंतोष जताया और समस्या के कारणों की समीक्षा की।

उन्होंने निर्देश दिया कि अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था के साथ बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि पानी निकालने का काम लगातार जारी रह सके। क्षेत्रीय प्रबंधन ने जल्द आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया।

उत्पादन, डिस्पैच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने भौंरा और सुदामडीह की परियोजनाओं के प्रदर्शन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कोयला उत्पादन, डिस्पैच, सुरक्षा मानकों और परियोजना विस्तार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिया कि कोयले की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना उत्पादन तथा डिस्पैच के निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रयास किए जाएं।

घाटे में चल रहे ईस्टर्न झरिया एरिया को लेकर भी चिंता

समीक्षा के दौरान सीएमडी ने घाटे में चल रहे ईस्टर्न झरिया एरिया को लाभ की स्थिति में लाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तैयार योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।

कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने असंतोष जताया। साथ ही कार्य संस्कृति में सुधार और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बढ़ती मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर जोर

सीएमडी ने देश में कोयले की बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन बनाए रखने और निर्धारित लक्ष्य पूरा करने की जरूरत बताई। उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि गुणवत्तापूर्ण कोयले का उत्पादन और डिस्पैच सुचारू रूप से हो सके।

निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के महाप्रबंधक जयंत कुमार दास, परियोजना पदाधिकारी रवि कुमार, क्षेत्रीय अभियंता रविराज गौड़, क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी प्रताप सिंघे, मैनेजर अमित कुमार, क्षेत्रीय असैनिक अभियंता शिवम भारतीय, क्षेत्रीय भू-संपदा अधिकारी विनोद लाल और एएसपी कोलियरी के पीओ अरुण कुमार सहित बीसीसीएल तथा आउटसोर्सिंग कंपनियों के अन्य अधिकारी मौजूद थे। देवप्रभा कंपनी के सीएमडी एलबी सिंह भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News