नई दिल्ली: भारत के एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। अमेरिकी लॉजिस्टिक्स कंपनी FedEx दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर एक आधुनिक एयर कार्गो हब विकसित करने जा रही है। कंपनी इस परियोजना में लंबी अवधि में करीब 150 मिलियन डॉलर यानी 1,400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी।
प्रस्तावित सुविधा दिल्ली एयरपोर्ट परिसर में स्थित GMR Cargo City में करीब 2.30 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य उत्तर और पूर्वी भारत के कारोबार को तेज एयर-कनेक्टिविटी के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है।
दिल्ली में हुआ भूमि पूजन
नई कार्गो सुविधा के निर्माण की दिशा में मंगलवार को भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण और फार्मा जैसे क्षेत्रों में तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। ऐसे में बेहतर एयर कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर देश के व्यापार और निर्यात को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
600 से बढ़कर 5,000 पैकेज प्रति घंटे होगी क्षमता
FedEx के प्रस्तावित हब में आधुनिक ऑटोमेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, नई सुविधा के संचालन में आने के बाद पैकेज प्रोसेसिंग क्षमता मौजूदा करीब 600 पैकेज प्रति घंटे से बढ़कर 5,000 पैकेज प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
जरूरत बढ़ने पर भविष्य में इस क्षमता के विस्तार की भी गुंजाइश रखी जाएगी। इससे कार्गो की प्रोसेसिंग तेज होने और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कार्गो एक ही केंद्र से
प्रस्तावित हब में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार के कार्गो ऑपरेशन को एकीकृत करने की योजना है। इससे माल की हैंडलिंग और आवाजाही की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
एक ही केंद्र पर अलग-अलग तरह के ऑपरेशन होने से ट्रांजिट टाइम कम करने और सप्लाई चेन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कार्गो क्लीयरेंस प्रक्रिया आसान बनाने पर जोर
नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार एयरपोर्ट पर कार्गो आवाजाही से जुड़ी बाधाओं को कम करने और क्लीयरेंस प्रक्रिया को तेज बनाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
नई सुविधा का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। परियोजना का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इसके तैयार होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट की एयर कार्गो क्षमता और अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में इसकी भूमिका को और मजबूती मिलने की संभावना है।
